इटावा कथावाचक विवाद पर बोले देवकीनंदन ठाकुर- ‘किसी सनातनी की चोटी काटना निंदनीय’

इटावा के कथावाचक प्रकरण में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इटावा में 21 जून को कथावाचकों मुकुट मणि यादव और संत कुमार यादव के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार हुआ था। घटना के बाद हो रही राजनीति पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि किसी के साथ भी दुर्व्यवहार करना गलत है। हम खुद प्रचार करते हैं कि कलावा पहनो, चोटी रखो, तिलक लगाओ।
आज के नेता कर रहे अंग्रेजों वाला काम
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, ‘मैं देख रहा हूं कि एक गांव में एक घटना घटी और इसको लेकर देश के कुछ बड़े नेता बयान दे रहे हैं। कई बड़े नेता हैं जो सिर्फ जाति के नाम पर कूद पड़े। वो लोग जातियों के विरोध में बयान दे रहे हैं। ये लोग वही काम कर रहे हैं जो अंग्रेजों ने किया।’

जाति के चक्कर में खराब न करें सद्भाव
क्या ब्राह्मण के अलावा किसी अन्य जाति का व्यक्ति कथा कर सकता है? इस पर देवकीनंदन ठाकुर ने जवाब दिया और कहा कि कोई भी व्यक्ति कथा कर सकता है। कथा प्रवचन कोई भी कहीं भी करे, इसमें क्या बुराई है? उन्होंने कहा, ‘हमने रसखान को स्वीकार किया है। रसखान के पद हम लोग गाते हैं। इसमें जाति के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। हम सभी को एक होना चाहिए।’




