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इंस्टाग्राम पर दो फॉलोअर्स हुए कम तो पति-पत्नी के रिश्तों में आई दरार… महिला थाने पहुंचा मामला

सोशल मीडिया आज न सिर्फ लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, बल्कि कई बार यह रिश्तों के लिए भी चुनौती बनकर सामने आ रहा है. उत्तर प्रदेश के हापुड़ का मामला इसका ताजा उदाहरण है. यहां एक महिला के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स कम होने पर उसका अपने पति से झगड़ा इतना बढ़ गया कि मामला महिला थाने तक पहुंच गया.

यह मामला जितना अजीब है, उतना ही गंभीर भी. ग्रेटर नोएडा के रहने वाले युवक और पिलखुवा की रहने वाली उसकी पत्नी के बीच आए दिन सोशल मीडिया को लेकर विवाद होता था. पत्नी सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती है और प्रतिदिन दो रील बनाकर अपने अकाउंट पर पोस्ट करती है. पति का आरोप है कि इसी चक्कर में वह घर के कामों में ध्यान नहीं देती और जब भी फॉलोअर्स कम होते हैं, तो वह झगड़ा करती है.

पति ने महिला थाने में दी शिकायत में कहा कि कई बार इस मामले में उनके बीच कहासुनी हो चुकी है और दो बार समझौता भी कराया गया. लेकिन अब पत्नी ने उसके साथ घर पर रहने से मना कर दिया और मायके चली गई. युवक ने अंततः महिला थाना हापुड़ में मामले की शिकायत दर्ज कराई.

महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुणा राय ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर चार घंटे तक काउंसलिंग की. जब पत्नी से बातचीत की गई तो उसने कहा कि पति के कहने पर उसे रसोई में जाकर बर्तन धोने पड़े, जिस वजह से उसकी दो रील पोस्ट नहीं हो सकीं और दो फॉलोअर्स कम हो गए. इससे वह बेहद परेशान हो गई और नाराज होकर मायके चली गई.

महिला थाना प्रभारी ने दोनों को समझाया कि सोशल मीडिया जीवन का हिस्सा हो सकता है, लेकिन यह जीवन का आधार नहीं हो सकता. इंस्पेक्टर अरुणा राय ने महिला को परिवार, समाज और निजी जिम्मेदारियों के महत्व को समझाया और बताया कि वास्तविक जीवन में संतुलन बनाना कितना जरूरी है. लगभग चार घंटे की काउंसलिंग के बाद पति-पत्नी के बीच समझौता हुआ और दोनों ने साथ रहने पर सहमति जताई.

लोगों का कहना है कि यह मामला एक चेतावनी है कि डिजिटल दुनिया की चमक-दमक में कहीं हम अपने पारिवारिक रिश्तों को नजरअंदाज न कर दें. सोशल मीडिया जहां एक ओर अभिव्यक्ति और पहचान का माध्यम बना है, वहीं दूसरी ओर इसकी लत कई बार परिवार को बिखरने की कगार पर भी ला सकती है. इस केस में इंस्पेक्टर अरुणा राय की सूझबूझ से एक परिवार टूटने से बच गया, लेकिन यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है कि क्या वर्चुअल फॉलोअर्स की अहमियत रियल रिश्तों से ज्यादा हो चुकी है?

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