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नराकास की अर्धवार्षिक बैठक में हिंदी राजभाषा के कार्यालयी प्रयोग को बढ़ावा देने पर दिया जोर

हिंदी राजभाषा का कार्यालयी प्रयोग सुनिश्चित करना हमारी संवैधानिक जिम्मेदारी

बागपत। गृह मंत्रालय की नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) की 15वीं अर्धवार्षिक समीक्षा बैठक ग्राम स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ नराकास बागपत के अध्यक्ष देवल एस पारिख, आर सेटी के निदेशक योगेंद्र सिंह और चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ संदीप ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, बैंकों और बीमा संस्थानों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और हिंदी राजभाषा के कार्यान्वयन की प्रगति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की।

नराकास के अध्यक्ष देवल एस पारिख ने कहा कि आज हिंदी सरल हो गई है, इसलिए हर कोई सरलता से हिंदी राजभाषा नियम का अनुपालन कर सकता है। उन्होंने सभी विभागों से हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने और राजभाषा नियमों का पालन करने का अनुरोध किया। उन्होंने हिंदी को विकसित भारत लक्ष्य प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण बताया और इस दिशा में पूरी निष्ठा से काम करने की अपील की।

चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ संदीप ने राजभाषा विभाग की योजनाओं का उल्लेख किया, जो हिंदी को बढ़ावा देने के लिए चल रही हैं, और सभी को इसमें सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने गृह मंत्रालय द्वारा संचालित सॉफ्टवेयर “कंठस्थ 2.0” के उपयोग पर भी जानकारी दी।

बैठक का संचालन नराकास के सचिव अभय नाथ मिश्र ने किया। उन्होंने हिंदी राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में सभी कार्यालयों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और ऑनलाइन रिपोर्टिंग एवं तिमाही आधार पर रिपोर्ट साझा करने के निर्देश दिए। मिश्र ने हिंदी को प्रोत्साहित करने के लिए संवाद और गतिविधियों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में “कालिंदी धारा” पत्रिका के छमाही प्रकाशन और तिमाही हिंदी बैठकों के आयोजन पर भी विचार किया गया, जिसमें हिंदी विषयों पर चर्चा के लिए प्रस्ताव रखे गए।

विशेष रूप से उल्लेखनीय यह रहा कि हिंदी राजभाषा के प्रचार-प्रसार में अपने विशेष योगदान के लिए अमन कुमार को सम्मानित किया गया जिसमें अमन कुमार द्वारा उड़ान यूथ क्लब के अध्यक्ष के रूप में हिंदी राजभाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने एवं संस्थान के प्रतीक को द्विभाषी बनाने की पहल की सभी ने सराहना की। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान राजभाषा नीति के सफल कार्यान्वयन में भी अमन कुमार के योगदान की सराहना की गई।

बैठक में “कालिंदी धारा” पत्रिका के छमाही प्रकाशन और तिमाही हिंदी बैठकों के आयोजन पर भी विचार किया गया, जिसमें हिंदी विषयों पर चर्चा के लिए प्रस्ताव रखे गए। बैंक ऑफ बड़ौदा से मंजीत साव ने गृह मंत्री अमित शाह का संदेश प्रस्तुत किया। बैठक में केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों के प्रमुख और प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपने योगदान की समीक्षा की।

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