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बहराइच में भेड़िए की दहशत; 10 लोगों की हो चुकी मौत, आज प्रभावितों से मुलाकात करेंगे CM योगी

महसी तहसील क्षेत्र के 55 से अधिक गांवों के साथ-साथ आसपास की तहसीलों में आतंक का पर्याय बने भेड़िया की चालाकी के सामने वन विभाग बेबस नजर आ रहा है।

उत्तर प्रदेश के बहराइच में भेड़ियों के झुंड ने अपना आतंक फैला रखा है। महसी तहसील क्षेत्र के 55 से अधिक गांवों के साथ-साथ आसपास की तहसीलों में आतंक का पर्याय बने भेड़िया की चालाकी के सामने वन विभाग बेबस नजर आ रहा है। वन विभाग ने अभी तक सिर्फ पांच भेड़ियों को ही पकड़ पाया है, छठे हत्यारे भेड़िये की तलाश अभी जारी है। इसी बीच आज यानी रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रभावित गांवों का दौरा करेंगे और प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे।

सीएम योगी आज बहराइच दौरे पर रहेंगे। वह महसी तहसील क्षेत्र में भेड़ियों के हमले में अपनों को गंवाने वाले परिवारों से मुलाकात करेंगे ।आज मुख्यमंत्री दोपहर 3:30 बजे महसी ग्राम पंचायत सिसैया चूड़ामणि स्थित हेलीपैड पर पहुंचेंगे। सीएम प्रभावित गांवों का दौरा करेंगे और प्रभावित लोगों से मुलाकात करेंगे। उनके साथ प्रभारी मंत्री के अलावा वन राज्य मंत्री केपी मलिक और वन  मंत्री अरुण सक्सेना भी मौजूद रहेंगे। वह 4:30 बजे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे और लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे। सीएम के दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए है।

बता दें कि बहराइच में भेड़ियों ने पूरी तरह दहशत फैला रखी है। भेड़िए अब तक कई लोगों को अपना शिकार बना चुके है, अब तक दस लोगों की मौत हो चुकी है। 11 सितंबर रात आदमखोर ‘लंगड़ा सरदार’ भेड़िए ने पुष्पा देवी नामक 50 वर्षीय महिला पर हमला कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना बहराइच के खैरीघाट थाना क्षेत्र के रायपुर कोरियन टेपरा गांव में रात करीब 10 बजे हुई जब पीड़िता सो रही थी। हांलांकि वन विभाग 10 सितंबर को मादा भेड़िया के पकड़े जाने के बाद हुए आठ हमलों को भेड़िया का हमला नहीं मान रहा है। लेकिन ग्रामीण उसे भेड़ियों का हमला की मान रहे हैं। वन विभाग की ओर से सिसैया चूड़ामणि गांव के हरबक्शपुरवा से 10 सितंबर को मादा भेड़िया को पकड़ा गया था। जिसके बाद हमलों की बाढ़ आ गई थी और मात्र 40 घंटे में आठ स्थानों पर हमले हुए। जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई, लेकिन वन विभाग ने भेड़िया का हमला होने से इंकार किया। यहां के लोग अभी भी दहशत में अपनी रातें काट रहे है। डर की वजह से बच्चों का स्कूल जाना भी बंद है।

 

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