सड़कों की बदहाली के लिए कंपनियों के मालिकों को लगी फटकार, 30 सितंबर तक दिया अल्टीमेटम
उत्तर प्रदेश में ‘जल जीवन मिशन’ के तहत बिछाई जा रही पाइप लाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत में लापरवाही देखी गई है। कंपनियों के ढीले रवैये से नाराज प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कंपनी मालिकों को जमकर फटकारा।

उत्तर प्रदेश में ‘जल जीवन मिशन’ के तहत बिछाई जा रही पाइप लाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत में लापरवाही देखी गई है। कंपनियों के ढीले रवैये से नाराज प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कंपनी मालिकों को जमकर फटकारा।
15 दिनों बाद जिलों में प्रगति के ब्यौरे के साथ कंपनी के मालिकों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर की समीक्षा बैठक में तय हो जाएगा कि कौन सी कंपनी जल जीवन मिशन में आगे काम करेगी और किन कंपनियों के मालिक जेल जाएंगे और एफआईआर होगी। उन्होंने कहा कि पाइप लाइन बिछाने में काटी गई सड़कों की मरम्मत सरकार की प्राथमिकता है और इसे हर हाल में 30 सितंबर तक पूरा करना ही होगा।

बता दें कि काम की मॉनिटरिंग के लिए पांच लेवल पर टीमों का गठन किया गया है। जिले में अधिशासी अभियंताओं को मॉनिटरिंग की कमान दी गई है। इसके अलावा जल निगम ग्रामीण मुख्यालय या राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन मुख्यालय से चीफ इंजीनियर लेवल के अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के साथ ही औचक निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।




