अग्नि तपस्या: महंत मंजित गुरु की भक्तों पर बरस रही कृपा
भारत को शुरू से ही महान तपस्वियों, साधू संतों और महान संन्यासियों की भूमि कहा जाता है। बड़े बड़े महान संतों ने अपनी तपस्याओ के तपोबल से देवी-देवताओं को प्रसन्न कर इस राष्ट्र उत्थान के लिए संपूर्ण योगदान दिया है।

मवाना( संवादाता आरके विश्वकर्मा)। भारत को शुरू से ही महान तपस्वियों, साधू संतों और महान संन्यासियों की भूमि कहा जाता है। बड़े बड़े महान संतों ने अपनी तपस्याओ के तपोबल से देवी-देवताओं को प्रसन्न कर इस राष्ट्र उत्थान के लिए संपूर्ण योगदान दिया है। सोमवार को हीट वेट 47 डिग्री सेल्सियस तापमान होने के चलते भीषण गर्मी में बाबा मोहनराम के सेवक ज्येष्ठ मास में अग्नि तपस्या कर अपने भक्तों को आशीर्वाद दे रहे हैं। 11 दिवसीय अग्नि तपस्या के साथ सोमवार को गडीना बाबा मोहनराम धाम के महंत मंजित सिंह भगतजी ने अग्नि तपस्या शुरू की तो वहीं सेवक प्रशांत भगत ने अपने आदर्श गुरु मंजित सिंह के साथ अग्नि तपस्या के बीच आसन लगाया । मंदिर के सेवको ने खड़ी झूला सेवा करने से पहले गुरु मंजित सिंह का पुष्प वर्षा कर आशीर्वाद लिया। आसमान से बरस रही आग एवं तपतपाती गर्मी के बीच बाबा मोहनराम धाम के महंत मंजित सिंह गुरु ने धूने के बीच बैठकर अग्नि तपस्या में लीन हो गए। मंदिर महंत मंजित सिंह भगतजी ने बताया कि ज्येष्ठ मास में विशेष रूप से अग्नि तपस्या होती है। सुप्रसिद्ध बाबा मोहनराम गडीना धाम के महंत मंजित सिंह भगतजी के आशीर्वाद से 21 जून को विशाल भंडारा आयोजित कर संपन्न किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 11 दिवसीय अग्नि तपस्या को निरंतर चल रही है और दोपहर 11 बजे से लेकर 3 बजे तक इस भीषण गर्मी में कठोर तप किया जा रहा है। कहा कि भक्ति के आगे मौसम फेल हो गया है। अग्नि तपस्या का मुख्य उद्देश्य जनता जनार्दन के दुःखों का निवारण करना है। मंदिर में पहुंचे महिला-पुरुष श्रद्धालु अग्नि तपस्या में लीन मंदिर के महंत मंजित एवं सेवक प्रशांत भगतने सभी भक्तों के स्वास्थ्य की मनोकामना को लेकर मंदिर में लगे धूने की परिक्रमा कर बाबा मोहनराम से मनोकामनाएं कर रही है। वहीं दूसरी और गडीना बाबा मोहनराम धाम मंदिर से जुड़े सेवक दिन प्रतिदिन बाबा मोहनराम की भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं। इस मौके पर धाम के भंडारी दीपक , महेंद्र सिंह , अजीत सैनी, आशु , पत्रकार मुकेश शर्मा, मनोज, निरंकार, आशीष अपनी-अपनी अलग-अलग सेवा करने में जुटे हैं।


