20 साल बाद जेल से रिहा हुआ नीतीश कटारा हत्याकांड का दोषी 55 वर्षीय सुखदेव यादव, सड़क हादसे में हुई मौत

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से आई एक्सिडेंट की खबर ने हर किसी को हैरान कर दिया है। हादसे में एक स्कॉर्पियो ने बाइक पर सवार तीन लोगों को टक्कर मारी। इसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं, एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वाला शख्स सुखदेव यादव उर्फ पहलवान था। सुखदेव यादव नीतीश कटारा हत्याकांड में सह आरोपी था। इस मामले में कोर्ट ने उसे 20 साल की सजा सुनाई थी। मुख्य आरोपी विकास यादव को 25 साल की सजा सुनाई गई। नीतीश कटारा हत्याकांड में दोषी सुखदेव को पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी। जेल से रिहा होने के बाद वह अपने घर कुशीनगर लौटा था।

जानकारी के मुताबिक बीते मंगलवार रात करीब 10 बजे कुशीनगर जिले के फाजिलनगर कस्बे के बघौचघाट मोड़ के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ। सुखदेव अपने दो साथियों विजय गुप्ता और भागवत सिंह के साथ किसी रिश्तेदार के घर से लौट रहा था। तीनों एक ही बाइक पर सवार थे। तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों सड़क पर जा गिरे। मौके पर ही सुखदेव यादव की मौत हो गई, जबकि उसके दोनों साथी गंभीर रूप से घायल हुए। हादसे के बाद स्कॉर्पियो डिवाइडर से जा टकराई। सूचना पर पहुंची फाजिलनगर पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया।

4 महीने पहले ही 20 साल की सजा काटकर वापस आया था सुखदेव सिंह
नीतीश कटारा हत्याकांड में 20 साल की सजा
2002 के चर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड में सुखदेव यादव सह-आरोपी रहा है। 16-17 फरवरी 2002 की रात गाजियाबाद में हुए इस मर्डर ने पूरे देश को हिला दिया था। नीतीश कटारा को एक विवाह समारोह से डीपी यादव के बेटे विकास यादव और रिश्ते के भाई विशाल यादव ने अगवा कर लिया था, क्योंकि दोनों अपनी बहन भारती यादव और नीतीश के कथित संबंध से नाराज थे। इसके बाद नीतीश की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में विकास और विशाल यादव के साथ सुखदेव यादव को भी दोषी ठहराया गया था। 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने विकास और विशाल को 25 साल की सजा सुनाई, जबकि सुखदेव को 20 साल की सजा दी गई थी।



