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वीरांगना ऊदा देवी न केवल नारी शक्ति, बल्कि हर हिंदुस्तानी के लिए प्रेरणा हैं : सीएम योगी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि भारत की स्वतंत्रता में वीरों और वीरांगनाओं का योगदान सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ की धरती स्वतन्त्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास की साक्षी रही है। 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी शुरुआत जहां बैरकपुर में मंगल पांडेय की हुंकार से हुई, मेरठ में धन सिंह कोतवाल ने उसे आगे बढ़ाया, वहीं झांसी में महारानी लक्ष्मीबाई और बिठूर में तात्या टोपे ने इस आंदोलन को नेतृत्व दिया।

मुख्यमंत्री योगी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीरांगना ऊदा देवी पासी के बलिदान दिवस पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। ऊदा देवी द्वारा 16 नवंबर 1857 को सिकंदरबाग में पीपल के पेड़ पर चढ़कर 36 अंग्रेज सैनिकों को मार गिराने के साहस का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका बलिदान अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश की विरासत को सम्मानित करने का कार्य कर रही है। काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और पासी व अन्य वीर योद्धाओं के किलों का पुनरोद्धार इसी श्रृंखला का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पासी समाज के योद्धाओं—महराजा लाखन पासी, सातन पासी, चीता पासी, बिजली पासी और राजा गंगाबख्श रावत—के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सरकार किलों के सुंदरीकरण और लाइट एंड साउंड शो की व्यवस्था कर रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में स्थानीय एवं राष्ट्रीय वीरों के योगदान को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि 2 लाख 19 हजार पुलिस भर्तियों में 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। तीन नई महिला पीएसी बटालियन गठित की गई हैं, जिनमें लखनऊ बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर रखा गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जाति और वंचित वर्ग के उत्थान के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। सर्वोदय विद्यालयों, आश्रम पद्धति विद्यालयों और अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सीएम योगी ने कहा कि अनुसूचित जाति के छात्रों को दशमोत्तर और पूर्वदशम दोनों स्तरों पर बड़ी संख्या में छात्रवृत्ति दी जा रही है। अभ्युदय योजना के तहत सभी जिलों में प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग भी उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना ऊदा देवी, झलकारी बाई और अवंती बाई जैसी वीर महिलाएं याद दिलाती हैं कि भारतीय नारी शक्ति सदैव अदम्य साहस और त्याग का प्रतीक रही है। सरकार उनके सम्मान और नई पीढ़ी के सशक्तिकरण के लिए दृढ़ संकल्पित है।

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