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होली पर स्वास्थ्य विभाग रहेगा सतर्क, 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी स्वास्थ्य सेवाएं

मेरठ। होली को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। इसके लिए सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को अलर्ट कर दिया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सक सहित स्टाफ मौजूद रहेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. अखिलेश मोहन  ने होली पर विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिये हैं। चिकित्सकों से लेकर पैरामेडिकल स्टाफ तक की छुट्टियों को रद्द कर दिया है। वहीं होली के मद्देनजर विशेष रोस्टर बनाया गया है, जिसमें आंख, त्वचा रोग विशेषज्ञ भी ड्यूटी पर रहेंगे। उधर जनपद में संचालित एंबुलेंस भी मरीजों के लिए हर वक्त तैयार रहेंगी।
होली पर स्वास्थ्य व्यवस्था बनाये रखने के लिए उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा विश्वास चौधरी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से संयम के साथ होली खेलने की अपील की है।
आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं रंग :
जिला अस्पताल के आई सर्जन डा. विकास चौधरी   कहना है – होली पर आंखों को पूरी तरह से रंगों से बचाना चाहिये। होली पर लोग कृत्रिम रंग ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। यह रंग होली  खेलते समय आंखों में चले जाएं, तो आंखों को अस्थायी/ स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकते  हैं। इससे आंखों में जलन, चुभन, आंखों का लाल होना, एलर्जी, कॉर्नियल अल्सर, कंजंक्टिवाइटिस, ब्लाइंडनेस हो सकती है।
रगड़ें नहीं आंखें
डा.  विकास   कहते हैं- आंखों में रंग या धूल का कोई कण चला जाएं तो आंखों को रगड़ना नहीं चाहिए। तुरंत आंखों के डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। स्वयं कोई इलाज न करें और न ही कोई आई ड्रॉप बिना चिकित्सक की सलाह के इस्तेमाल करें। आंखों के मामले में कतई लापरवाही न बरतें। होली पर रंग से खेलने से पहले आंखों के आस-पास या पूरे चेहरे पर तेल लगा सकते हैं, इससे न सिर्फ आंखों पर लगा रंग आसानी से छूट जाता है, बल्कि आंखों पर पड़ने वाला रंग भी पलकों पर ही चिपक जाता है और आंखों का बचाव होता है। इसके लिए सरसों के तेल, नारियल के तेल या फिर किसी क्रीम का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रहे तेल या क्रीम आंख में न जाए।
जिला संयुक्त चिकित्सालय के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ  रविंद्र गोयल का कहना है, होली पर केमिकलयुक्त (रसायनयुक्त) रंग बहुत बिकते हैं। जानकारी के अभाव में ज्यादातर लोग इनका इस्तेमाल करते हैं। केमिकल युक्त रंगों से बचना चाहिए। यह लगाने वाले के हाथों को और जिसके लगाया जाता है, दोनों को नुकसान पहुंचाते हैं। इन्हें हानिकारक केमिकल से तैयार किया जाता है। इनमें लेड ऑक्साइड, कॉपर सल्फेट, मरकरी सल्फाइड, क्रोमियम आयोडाइड, एल्युमिनियम ब्रोमाइड आदि होता है।

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