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हिमाचल विधानसभा परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन, ‘माफिया राज’ व अवैध पेड़ कटान के आरोप

शिमला। राजधानी शिमला में विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्ष ने विधानसभा परिसर में धरना-प्रदर्शन किया और सरकार पर वन और खनन माफिया को संरक्षण देने के आरोप लगाए।

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर ‘माफिया राज’ के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष का कहना है कि राज्य में अवैध पेड़ कटान के मामले बढ़ रहे हैं और सरकार इन पर कार्रवाई करने के बजाय चुप है।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में केवल 25 पेड़ काटने की अनुमति दी गई थी, लेकिन मौके पर 300 से ज्यादा पेड़ों को काट दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि निजी भूमि पर इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की अनुमति कैसे दी गई। उनका कहना है कि इस मामले में एक कांग्रेस नेता की भूमिका सामने आ रही है, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा होता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह कटान किसी व्यक्ति को लकड़ी का डिपो दिलाने के उद्देश्य से किया गया और इसके लिए नियमों की अनदेखी की गई। विपक्ष का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर अनियमितताएं बिना सरकारी संरक्षण के संभव नहीं हैं।

विपक्ष ने धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र का भी जिक्र किया, जहां कथित तौर पर सैकड़ों पेड़ों की अवैध कटाई की गई। भाजपा विधायकों की एक कमेटी ने जब क्षेत्र का दौरा किया तो वहां कटे हुए पेड़ों को छिपाने की कोशिशें सामने आईं। आरोप है कि कई पेड़ों को ढांक से सतलुज नदी में फेंक दिया गया, जबकि कुछ को जेसीबी मशीनों की मदद से जमीन में दफना दिया गया।

विपक्ष ने इन घटनाओं को पर्यावरण और कानून व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा बताया है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इससे जंगलों को बड़ा नुकसान हो सकता है और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

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