देश

हर हालात के लिए तैयार है भारत, पाकिस्तान के न्यूक्लियर टेस्टिंग पर ट्रंप के दावे पर राजनाथ सिंह का जवाब

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान पर गुप्त रूप से परमाणु हथियार परीक्षण करने के दावे के बाद, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि भारत किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है।

 

राजनाथ सिंह ने क्या कहा?

हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में, जब उनसे पाकिस्तान के कथित परमाणु विकास के बारे में पूछा गया, तो सिंह ने कहा कि भारत ऐसी रिपोर्टों से चिंतित नहीं है। उन्होंने कहा, जो लोग टेस्ट करना चाहते हैं, उन्हें करने दें, हम उन्हें कैसे रोक सकते हैं? हालांकि, उन्होंने भारत की तैयारी को दोहराते हुए कहा, जो भी हो, हम किसी भी हालात के लिए तैयार हैं।

 

जब उनसे पूछा गया कि अगर पाकिस्तान परमाणु परीक्षण करता है तो क्या भारत भी ऐसा ही करेगा, तो सिंह का जवाब था, पहले देखते हैं कि वे ऐसा करते हैं या नहीं।

 

ट्रंप का सीक्रेट न्यूक्लियर टेस्ट वाला दावा

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका 30 साल से ज्यादा समय के बाद परमाणु हथियारों का परीक्षण फिर से शुरू करेगा। ट्रंप ने इसका कारण दूसरे देशों द्वारा हाल ही में किए गए परीक्षणों को बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अकेला ऐसा देश नहीं होना चाहिए जो टेस्टिंग से बच रहा हो, जबकि दूसरे देश गुप्त रूप से भूमिगत ट्रायल कर रहे हैं।

 

ट्रंप ने विशेष रूप से पाकिस्तान का उदाहरण दिया और आरोप लगाया कि इस्लामाबाद अन्य देशों की तरह परमाणु परीक्षण कर रहा है।

 

ट्रंप के दावे पर क्या बोला भारत का विदेश मंत्रालय

इससे पहले, भारत के विदेश मंत्रालय ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति के बयान पर ध्यान दिया था और कहा था कि पाकिस्तान का परमाणु रिकॉर्ड गुप्त और गैर-कानूनी है।

 

MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, गुप्त और गैर-कानूनी परमाणु गतिविधियां पाकिस्तान के इतिहास के हिसाब से हैं, जो दशकों की स्मगलिंग, एक्सपोर्ट कंट्रोल उल्लंघन, गुप्त साझेदारी, AQ खान नेटवर्क और आगे के प्रसार पर केंद्रित है।

 

पाकिस्तान ने किया दावों का खंडन

इस बीच, पाकिस्तान ने ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सीबीएस न्यूज को बताया कि देश परमाणु परीक्षण पर एकतरफा रोक बनाए हुए है।

 

इस्लामाबाद ने जोर देकर कहा कि वह न्यूक्लियर टेस्ट करने वाला पहला देश नहीं था और न ही उन्हें फिर से शुरू करने वाला पहला देश होगा। पाकिस्तान ने कॉम्प्रिहेंसिव टेस्ट बैन ट्रीटी पर हस्ताक्षर न करने के बावजूद संयम बरतने के अपने वादे को दोहराया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button