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स्पेशल ठाकुर फोर्स’ के बाद अब अखिलेश ने STF को बताया ‘सरेआम ठोको फोर्स’

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अखिलेश के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष एसटीएफ की अपराधियों के खिलाफ हाल की कार्रवाई से हताश हैं।

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को ‘स्पेशल ठाकुर फोर्स’ कहने के बाद बुधवार को इसे ‘सरेआम ठोको फोर्स’ करार दिया और बल में एक विशेष जाति के कर्मियों को तैनात करने के आरोप लगाते हुए सवाल उठाए। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अखिलेश के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सपा अध्यक्ष एसटीएफ की अपराधियों के खिलाफ हाल की कार्रवाई से हताश हैं।

अखिलेश ने ‘एक्स’ पर कहा कि सरेआम ठोको फोर्स में तैनात लोगों का आंकड़ा बता रहा है कि ये तथाकथित ‘विशेष कार्य बल’ (विकाब) कुछ बलशाली कृपा-प्राप्त लोगों का ‘व्यक्तिगत बल’ बनकर रह गया है। सपा अध्यक्ष ने हाल ही में एसटीएफ को ‘स्पेशल ठाकुर फोर्स’ करार दिया था। उन्होंने कहा कि जो जनसंख्या में 10 प्रतिशत हैं, उनको 90 प्रतिशत तैनाती और जो जनसंख्या में 90 प्रतिशत हैं, उनको 10 प्रतिशत तैनाती। इसका मतलब, इस बल के इस्तेमाल किये जाने का कोई खास मकसद है, जिसके कारण ऐसी तैनाती हुई है। सपा प्रमुख ने इसी संदेश में आगे कहा कि विकाब के बारे में यूं भी कहा जा सकता है : बलशालियों द्वारा, बलशालियों के

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट के साथ एक चार्ट भी डाला, जिसमें उन्होंने दावा किया कि शीर्ष 21 पदों में से केवल दो पद पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) के हैं। उन्होंने कहा कि देखिएगा कि इस आंकड़े के सामने आते ही, कैसे अपना मुंह बचाने के लिए शासन-प्रशासन के स्तर पर कॉस्मैटिक उपचार होगा और कुछ उपेक्षित लोगों को दिखावटी पोस्टिंग दी तो जाएगी लेकिन ‘विशेष प्रयोजन की पूर्ति’ के समय, कोई भी बहाना बनाया जाएगा पर साथ नहीं ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकाब वाले विकास कैसे कर सकते हैं? उप्र के लिए ‘विकाब’ विकार है।

अखिलेश के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि सपा अध्यक्ष अपनी पार्टी द्वारा पोषित अपराधियों के खिलाफ एसटीएफ की कार्रवाई से हताश हैं, इसलिए वह पुलिस बल का मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अखिलेश सरकार के कार्यकाल में पुलिस पर हमले हुए। उनके शासनकाल में पुलिस पर एक हजार से अधिक बार हमले हुए और कई पुलिसकर्मी शहीद हुए। मुख्यमंत्री आवास पर दंगाइयों के आने से पुलिस का मनोबल पूरी तरह टूट गया।

 

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