सांसों से शरीर में जाता जहर, गाजियाबाद-नोएडा का एक्यूआई 300 पार
लखनऊ, नोएडा, कानपुर की तरह ही यूपी के अन्य प्रमुख शहरों आगरा, मेरठ, बागपत, गोरखपुर, प्रयागराज, बरेली, वाराणसी, मुरादाबाद और गाजियाबाद में भी वायु प्रदूषण खराब स्थिति में पाया गया है।
रात में तापमान गिरने और अक्सर हवा की सुस्त रफ्तार के कारण वायु प्रदूषण की मात्रा बढ़ जाती है। इस दौरान नमी अधिक होने के कारण प्रदूषण निचली सतह पर ही रहता है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार रात में दो घंटे और फिर सुबह के चार घंटे प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब होती है।

लखनऊ में एक्यूआई 287 दर्ज हुआ। इसके अलावा गाजियाबाद में 330, नोएडा में 339, मुजफ्फरनगर में 305 और ग्रेटर नोएडा में 342 दर्ज हुआ। वहीं बागपत में 253, बुलंदशहर में 231, हापुड़ में 220 और मेरठ में 291 एक्यूआई के साथ हवा की गुणवत्ता खराब दर्ज की गई।

जिस समय हवा में अधिक जहर घुली रहती है, उसी समय लोग मॉर्निंग वॉक पर निकलते हैं जिसमें बुजुर्गों की संख्या अधिक होती है। इसी समय बच्चे भी स्कूल जाते हैं। डॉ. एसके गौतम के अनुसार मॉर्निंग वाकरों को चाहिए कि वे प्रदूषण अधिक होने के कारण घर में रहकर ही टहलें। सुबह के समय बच्चे आदि बाहर निकल रहे हैं तो वे मास्क लगाएं। इसे हल्का गीला करने से प्रदूषण से अधिक बचत होती है।
अब रात के साथ दिन की सर्दी भी बढ़ने लगी है। शनिवार को दिन का तापमान 27 से गिकरकर 26.8 डिग्री सेल्सियस हो गया। रात का पारा 08.6 से बढ़कर 10.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। रात के तापमान में 02.2 डिग्री की वृद्धि हुई। कई इलाकों में धुंध सी छायी रही। ऐसा लगा कि कोहरा है।



