संभल फाइल्स के निर्माता अमित बोले-गाय को काटना बर्दाश्त नहीं

संभल। अखलाक हत्याकांड के आराेपिताें के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा काेर्ट में अर्जी देने पर संभल फाइल्स के निर्माता अमित जानी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए इसे सही कदम बताया है। उन्होंने कहा कि गाय की हत्या किसी भी रूप में स्वीकार नहीं की जा सकती चाहे वह अखलाक ने की हो या किसी और ने।

अमित जानी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार ने कई युवाओं को झूठे आरोपों में फंसाया और उन्हें आरोपी बनाया। उन्होंने रवि कुमार सिसोदिया का उल्लेख किया, जिनकी जेल में कथित मारपीट के बाद मौत हो गई थी। जानी के अनुसार इस घटना ने अन्य युवाओं का जीवन भी प्रभावित किया।

अमित जानी ने मथुरा की फोरेंसिक लैब की उस रिपोर्ट का हवाला भी दिया, जिसमें अखलाक के घर से बरामद टिफिन में गोमांस मिलने की पुष्टि की गई थी। उन्होंने कहा कि यह जांच भी समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में ही की गई थी। मुकदमे वापस लेने के फैसले पर जानी ने कहा कि वह इस घटना को हत्या नहीं, बल्कि वध मानते थे। उनका कहना था कि भारत में गाय को मां का दर्जा दिया जाता है, इसलिए गाय को काटने वाला कोई भी कार्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। अमित जानी ने बताया कि वह घटना से जुड़े गांव पहुंचे थे और वहां के निवासियों व आरोपियों से मुलाकात भी की थी। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रेटर नोएडा के दादरी में 2015 में मोहम्मद अखलाक की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। सरकार ने इस प्रकरण के सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप वापस लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। अब इस मामले में 12 दिसंबर को सुनवाई हो सकती है।



