शामली में आवारा कुत्तों का खौफ: मासूम के सिर को बुरी तरह नोंचा, अस्पताल में बढ़े डॉग बाइट्स के मामले

शामली। जनपद में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब राह चलते मासूम बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं। जिला संयुक्त चिकित्सालय में पिछले कुछ दिनों से कुत्तों के हमले के शिकार हुए मरीजों की संख्या में भारी इजाफा देखा जा रहा है। बीते दिन अस्पताल में आधा दर्जन से अधिक डॉग बाइट्स के मामले सामने आए, जिनमें से एक १२ वर्षीय बालक पर हुआ हमला इतना भयावह था कि उसे बचाने वाले लोगों के भी रोंगटे खड़े हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार, शामली के विभिन्न क्षेत्रों में आवारा कुत्ते लगातार लोगों और बच्चों को अपना निशाना बना रहे हैं। सोमवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय में हमले का शिकार हुए दीपक, सुरेंद्र, अभिषेक, अंकित, परवीन, राजकुमार, आरिफ, अंकुश और १२ वर्षीय बालक देव उपचार के लिए पहुंचे। चिकित्सकों ने बताया कि इन सभी मामलों में बालक देव की स्थिति सबसे गंभीर थी। आवारा कुत्ते ने बालक को जमीन पर गिराकर उसके सिर को बुरी तरह नोंच डाला था। आसपास मौजूद लोगों ने बड़ी मुश्किल से कुत्ते के जबड़े से बच्चे को छुड़ाया और उसकी जान बचाई।

गंभीर हालत में बालक को उसके पिता द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों को उसके सिर के जख्मों को भरने के लिए लगभग एक दर्जन टांके लगाने पड़े। हालांकि, प्राथमिक उपचार और सर्जरी के बाद अब बालक की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि प्रतिदिन डॉग बाइट्स के दर्जनों मामले ओपीडी में आ रहे हैं, जो शहर और देहात क्षेत्रों में कुत्तों के बढ़ते आतंक की तस्दीक करते हैं।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके हिंसक व्यवहार पर लगाम लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। कुत्तों के झुंड सड़कों और गलियों में जमा रहते हैं, जिससे बच्चों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। अभिभावकों ने नगर पालिका और संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द ही इन खूंखार कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।



