शामली के ग्राम पंचायत मालैंडी में बाल विवाह रोकथाम अभियान, समुदाय को दी गई शपथ

शामली। बाल विवाह रोकने के लिए ब्लॉक ऊन की ग्राम पंचायत मालैंडी में समुदाय के लोगों को जागरूक किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया।

जिलाधिकारी शामली अरविंद कुमार चौहान के निर्देशों के अनुसार दिनांक 1 फरवरी 2026 से 8 मार्च 2026 तक ग्राम पंचायत, नगर निकाय और समुदाय स्तर पर सेवा प्रदाताओं को बाल विवाह के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत मालैंडी में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला प्रोबेशन अधिकारी मौहम्मद मुशफेकीन ने किया, जबकि अध्यक्षता ग्राम प्रधान अंशु जांगिड ने की। कार्यक्रम में उपस्थित सभी समुदाय के लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई गई।

महिला कल्याण विभाग की डिस्टिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर सदफ खान ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका और 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह पूर्णतः गैरकानूनी है। बाल विवाह से बच्चों के शारीरिक, मानसिक, शैक्षिक और सामाजिक विकास पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह कराने, करने या इसमें सहयोग करने पर दो साल तक का कारावास, ₹1,00,000 तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। इसके अलावा बराती, मौलवी/पंडित, फोटोग्राफर, टैंट, कैटरिंग या बैंड पार्टी संचालक के खिलाफ भी FIR दर्ज की जा सकती है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी को जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी नामित किया गया है। साथ ही जेंडर स्पेशलिस्ट कुलदीप शर्मा ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना और निराश्रित महिला पेंशन योजना की जानकारी दी।
अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि बाल विवाह की सूचना या आशंका होने पर तुरंत 1098, 112, 181 या नजदीकी पुलिस थाना को सूचित करें। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सहायक और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बाल विवाह न करने और समाज में जागरूकता फैलाने की शपथ ली।



