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शहर में बढ़ती जा रही है आई फ्लू के मरीजों की संख्या बच्चों से लेकर बूढ़े तक आ रहे हैं आई फ्लू की चपेट में

गुडग़ांव (अशोक) : बारिश के बाद विभिन्न संक्रामक बीमारियों ने
शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को घेर कर रख लिया है। जहां डायरिया के
पीडि़तों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, वहीं आंखों के संक्रमण
यानि कि आई फ्लू का भी सामना शहरवासियों को करना पड़ रहा है। आई फ्लू
शहरी क्षेत्र में ही नहीं, अपितु ग्रामीण क्षेत्रों में भी फैलता जा रहा
है। शहर के सिविल अस्पताल से लेकर नेत्र विशेषज्ञों की क्लीनिकों पर भी
आई फ्लू के मरीजों की कतार लगी हुई है। यह संक्रामक बीमारी है और एक
व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। घर में यदि एक को आई फ्लू हो रहा
है तो परिवार के अन्य सदस्य भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। आई फ्लू होने की
कोई आयुसीमा नहीं है। छोटे बच्चों से लेकर वृद्धजन तक भी चपेट में आ रहे
हैं। नेत्र विशेषज्ञों का कहना है कि आई फ्लू के लक्षण हैं आंखों का लाल
होना, कीचड़ आना, पानी बहना, आंखों में सूजन, खुजली व दर्द होना। उनका
कहना है कि आंखों में यदि ये लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत नेत्र रोग
विशेषज्ञों से संपर्क कर उपचार ले लेना चाहिए। आंखों को साफ करने के लिए
सूती कपड़े का इस्तेमाल करें। काला चश्मा पहनकर रखें, ताकि रोशनी सीधे
आंखों पर न पड़े, टीवी और मोबाइल देखने से परहेज करें, गंदे कपड़े का
इस्तेमाल न करें, आंखों को छृूने के बाद साबुन से हाथ अवश्य धोएं, परिवार
के अन्य सदस्यों के संपर्क से दूर रहें, तभी आई फ्लू से बचा जा सकता है।
आई फ्लू से बचने के लिए बच्चे काले चश्मे का इस्तेमाल करते दिखाई दे रहे
हैं।

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