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विपक्ष का व्यवहार बेहद गैरजिम्मेदाराना, देश के हित में कोई रुचि नहींः जेपी नड्डा

नई दिल्ली। राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि विपक्ष का व्यवहार बेहद गैर-जिम्मेदाराना रहा है। यह निंदनीय है और इसकी जितनी आलोचना की जाए उतनी कम है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि विपक्ष को न तो देश के हित में कोई रुचि है और न ही गंभीर चर्चा में। राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, विपक्ष का उद्देश्य केवल सदन में अव्यवस्था पैदा करना है। दरअसल सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर राज्य सभा में ईरान इजरायल युद्ध से उपजे हालात एवं मध्यपूर्व के विभिन्न देशों में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जानकारी दे रहे थे। इस दौरान सदन में भारी हंगामा हुआ। हंगामे के बीच विदेश मंत्री ने अपना वक्तव्य दिया। वहीं नारेबाजी के साथ ही विपक्ष ने सदन से वॉकआउट भी किया। इसके बाद नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधा। नड्डा ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया की वर्तमान परिस्थिति पर बहुत विस्तार से सदन में अपनी बात रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार इस संकट की स्थिति को किस प्रकार संभाल रही है और किस तरह से विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ रही है। नड्डा ने कहा कि विपक्ष की ओर से ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जो प्रश्न उठाए गए थे, उन पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया है। उन्होंने बताया है कि सरकार इस पूरे मामले में पूरी तरह सजग है, सक्रिय है और हर स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। सरकार भारत की जनता और देश की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता (मल्लिकार्जुन खड़गे) को राज्यसभा नियम 176 के तहत बोलने का अवसर दिया गया, लेकिन नेता प्रतिपक्ष ने विषय से हटकर अन्य मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी। उन्हें यह पता था कि विदेश मंत्री इस विषय पर विस्तृत जानकारी देने वाले हैं, फिर भी उन्होंने चर्चा को भटकाने की कोशिश की। विपक्ष का इतिहास भी यही रहा है कि जब गंभीर चर्चा होती है, तब वे उसमें भाग लेने के बजाय हंगामा करते हैं या वॉकआउट कर जाते हैं। उदाहरण के लिए, दिसंबर 2025 में जब चुनाव सुधारों पर चर्चा हुई तो लगभग 16–18 घंटे तक बहस चली। लेकिन जब सरकार की ओर से जवाब देने का समय आया तो विपक्ष वॉकआउट कर गया। इसी तरह अगस्त 2025 में जब भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में भारतीय अंतरिक्ष यात्री की भूमिका पर चर्चा हो रही थी, तब भी विपक्ष ने उस चर्चा में भाग नहीं लिया। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम की घटनाओं पर जब 16 घंटे तक चर्चा चली और जब गृह मंत्री अमित शाह को जवाब देना था, तब भी विपक्ष सदन से बाहर चला गया। बजट चर्चा के दौरान भी यही हुआ। जब वित् मंत्री निर्मला सीतारमन जवाब देने के लिए खड़ी हुईं, तब भी विपक्ष वॉकआउट कर गया। नड्डा ने कहा कि विपक्ष का व्यवहार बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना है और यह निंदनीय भी है, इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है। उन्होंने कहा कि इसलिए यह रिकॉर्ड साफ दिखाता है कि विपक्ष का ध्यान देश के हितों पर नहीं है। उन्हें भारत के विकास, विकसित भारत या आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने में कोई रुचि नहीं है। उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ लेना है, लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ता रहेगा।

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