विधायक राहुल सिंह लोधी की सदस्यता शून्य घोषित
मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के खरगापुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक राहुल सिंह लोधी का निर्वाचन राज्य उच्च न्यायालय ने शून्य घोषित कर दिया है।

जबलपुर। मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के खरगापुर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक राहुल सिंह लोधी का निर्वाचन राज्य उच्च न्यायालय ने शून्य घोषित कर दिया है।

उच्च न्यायालय की न्यायाधीश नंदिता दुबे ने खरगापुर से कांग्रेस की पराजित उम्मीदवार श्रीमती चंदा सिंह गौर की निर्वाचन याचिका की सुनवायी के दौरान लोधी को निर्वाचन शून्य घोषित किया। अदालत ने हाल ही में याचिका का निराकरण करते हुए आदेश दिया है कि लोधी का निर्वाचन शून्य घोषित होने के साथ ही वे विधायक के रूप में कोई भी सुविधा नहीं ले सकेंगे। अदालत ने तत्कालीन निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ भी सख्त टिप्पणी की है और कहा कि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाना चाहिए और भविष्य में उन्हें इस तरह के निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण दायित्व नहीं दिए जाएं।
लोधी पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे हैं। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने खरगापुर से भाजपा प्रत्याशी के रूप में विजयी हासिल की थी। पराजित प्रत्याशी श्रीमती चंदा सिंह ने वर्ष 2019 में उच्च न्यायालय में निर्वाचन याचिका दायर करते हुए कहा था कि भाजपा प्रत्याशी लोधी ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान दो अलग अलग नामांकनपत्र दाखिल किए थे और दोनों में अलग अलग जानकारियां दी थीं। याचिका में कहा गया है कि लोधी ने अनेक जानकारियां छिपायी हैं। सुनवायी के दौरान सही साबित हुए।
इस बीच विधानसभा सचिवालय के अनुसार इस संबंध में अधिकृत जानकारी मिलना शेष है। इसके बाद विधिवत कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर मुरैना जिले के सुमावली से कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाह की सदस्यता भी खतरे में है। उन्हें ग्वालियर की एक अदालत ने हाल ही में जमीन संबंधी एक आपराधिक प्रकरण में दोषी पाए जाने पर दो वर्ष की सजा और जुर्माना सुनाया गया है। इस संबंध में भी विधानसभा सचिवालय ने कुशवाह से अपनी स्थिति पेश करने काे कहा है। नियमों के अनुसार इस तरह से सजायाफ्ता विधायक स्वयमेव ही विधायक पद के अयोग्य हो जाता है। सचिवालय की ओर से विधिवत कार्रवाई की जाएगी।



