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लोकतंत्र का महापर्व: पांच राज्यों में चुनावी शंखनाद, पश्चिम बंगाल में दो तो दक्षिण के राज्यों में एक चरण में होगा मतदान

नई दिल्ली। भारतीय निर्वाचन आयोग ने रविवार को देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों की बहुप्रतीक्षित तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विज्ञान भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनावी बिगुल फूंकते हुए बताया कि इस बार पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में सत्ता का फैसला जनता द्वारा अप्रैल माह में किया जाएगा। इस घोषणा के साथ ही इन सभी राज्यों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है, जिससे अब सरकारों द्वारा किसी भी नई लोक-लुभावन घोषणा या नीतिगत निर्णय पर पूर्णतः रोक लग गई है।

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार पश्चिम बंगाल की दो सौ चौरानवे सीटों के लिए इस बार चुनावी प्रक्रिया को काफी संक्षिप्त रखा गया है। साल दो हजार इक्कीस के आठ चरणों के मुकाबले इस बार बंगाल में केवल दो चरणों में मतदान संपन्न होगा। राज्य में पहले चरण की वोटिंग तेईस अप्रैल को होगी जिसमें एक सौ बावन सीटों पर फैसला होगा, जबकि दूसरे और अंतिम चरण का मतदान उनतीस अप्रैल को एक सौ बयालीस सीटों के लिए कराया जाएगा। बंगाल की सुरक्षा और भौगोलिक स्थितियों को देखते हुए आयोग ने दो चरणों का यह फॉर्मूला तैयार किया है।

दक्षिण भारत के राज्यों और पूर्वोत्तर के असम में चुनाव प्रक्रिया को और भी छोटा रखा गया है। असम की एक सौ छब्बीस, केरल की एक सौ चालीस और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की तीस विधानसभा सीटों पर एक ही दिन यानी नौ अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। वहीं तमिलनाडु की सभी दो सौ चौंतीस सीटों के लिए मतदान तेईस अप्रैल को संपन्न होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के बाद सभी पांचों राज्यों के लिए मतगणना एक साथ चार मई को की जाएगी, जिसके बाद यह साफ हो जाएगा कि इन राज्यों में सत्ता की चाबी किसके हाथ में होगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनावी शुचिता पर जोर देते हुए कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस बार कुल सत्रह करोड़ से अधिक मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनके लिए देश भर में दो लाख से अधिक पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग पच्चीस लाख चुनाव कर्मियों की तैनाती की जा रही है। आयोग ने मतदाताओं से भारी संख्या में घर से बाहर निकलकर मतदान करने की अपील की है ताकि लोकतंत्र के इस उत्सव को सफल बनाया जा सके।

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