रक्तदान महादान- प्रधानाचार्य देवेन्द्र कुमार
विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर कृषक इण्टर कालिज, मवाना के राज्यपाल द्वारा पुरस्कृत प्रधानाचार्य देवेन्द्र कुमार की प्रेरणा एवं विद्यालय प्रांगण में स्थित एनसीसी बटालियन के सूबेदार मेजर देवेन्द्र कुमार के नेतृत्व में विद्यालय स्टाफ व एनसीसी स्टाफ(सैन्यकर्मियों) ने रक्त दान कर मानव धर्म निभाया।

मवाना (संवादाता आरके विश्वकर्मा)। विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर कृषक इण्टर कालिज, मवाना के राज्यपाल द्वारा पुरस्कृत प्रधानाचार्य देवेन्द्र कुमार की प्रेरणा एवं विद्यालय प्रांगण में स्थित एनसीसी बटालियन के सूबेदार मेजर देवेन्द्र कुमार के नेतृत्व में विद्यालय स्टाफ व एनसीसी स्टाफ(सैन्यकर्मियों) ने रक्त दान कर मानव धर्म निभाया।

प्रधानाचार्य देवेन्द्र कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि रक्तदान महादान है क्योंकि रक्त का आदान प्रदान मनुष्य द्वारा ही किया जा सकता है इसको किसी भी अन्य श्रोत के माध्यम से निर्मित नहीं किया जा सकता। हमारे द्वारा दान किया जाने वाला एक यूनिट रक्त औसतन तीन व्यक्तियों की जिन्दगी बचाने में सहायक होता है। इसलिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक कोई भी शारीरिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति जिसकी उम्र 18 साल से 65 साल के बीच है, वो रक्तदान कर सकता हैं। रक्तदान करने वाले डोनर का वजन कम से कम 45 किलो या इससे ज्यादा होना चाहिए। रक्त देने वाले की पल्स 60 से 100 BPM के बीच होनी चाहिए। रक्तदान करने वाले में खून की कमी नहीं होनी चाहिए। उसका हीमोग्लोबिन कम से कम 12-13 ग्राम होना चाहिए। इसलिए स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए।

सूबेदार मेजर देवेन्द्र कुमार ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा का सरल माध्यम है। हमारे द्वारा दिये जाने वाले रक्त की पूर्ति 24 घण्टे में हो जाती है इसलिए रक्तदान को लेकर विभिन्न भ्रामक बातों से हमें बिना भयभीत हुए मानवधर्म निभाते हुए नियमित 3 माह के अन्तराल पर रक्तदान करना चाहिए।
भारतीय चैरिटेबल ब्लड बैंक एवं कम्पोनेन्ट सैन्टर मवाना द्वारा ऊं साईं हॉस्पिटल में डाक्टर सन्दीप मावी के नेतृत्व में आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वालों में विशेष रूप से सूबेदार मेजर देवेन्द्र कुमार, संजीव कुमार (खेडी) हवलदार मुकेश कुमार धाकरे (क्षत्रिय), अनुराग चौधरी, गोविन्द सिंह, आदि उपस्थित रहे जिनको प्रमाणपत्र दे कर सम्मानित किया गया।

