योगी कैबिनेट की बैठक में 15 अहम फैसले, आउटसोर्स निगम का गठन, नई निर्यात नीति को मंजूरी

उत्तरप्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज है। राजधानी लखनऊ में योगी आदित्यनाथ कैबिनेट की बैठक में यूपी आउटसोर्सिंग सेवा निगम के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। प्रस्ताव के अनुसार जेम पोर्टल के जरिए सर्विस प्रोवाइडर रखे जाएंगे। न्यूनतम वेतनमान 16000 रुपए से लेकर 20000 रुपए तक होगा। एजेंसी की नियुक्ति 3 वर्ष की अवधि के लिए की जाएगी। निगम के गठन के बाद आउटसोर्स कर्मचारी की सैलरी सीधे कर्मचारियों के खाते में जाएगी।

1 से लेकर 5 तारीख के बीच बीच मिलेगी सैलरी
यूपी आउटसोर्सिंग सेवा निगम के गठन के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों को महीने में 1 तारीख से लेकर 5 तारीख के बीच में सैलरी दी जाएगी। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने यह बताया की आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जाने वाली भर्तियों में आरक्षण का भी प्रावधान किया गया है जिसमें एससी एसटी महिला दिव्यांग सभी का आरक्षण होगा। निगम के तहत आउटसोर्स कर्मियों को एक महीने में 26 दिन की सेवा देनी होगी। कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने यह भी बताया कि आउटसोर्स निगम के माध्यम से चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा के अलावा मौखिक साक्षात्कार भी होगा।

कानपुर-लखनऊ के लिए 100-100 नई ई-बसें
योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में एक अहम फैसले के तहत नई ई बसें खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। नए प्रस्ताव के तहत लखनऊ और कानपुर के लिए 100-100 नई ई-बसें खरीदी जाएंगी, ताकि दोनों बड़े शहरों में परिवहन सुविधा बेहतर हो सके। इसके अलावा यूपी की नई निर्यात नीति को भी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिली। पांच साल के लिए बनाई गई नई निर्यात नीति में अमेरिकी टैरिफ वार को देखते हुए उत्तरप्रदेश के निर्यातकों और व्यापारियों के लिए खास छूट का प्रावधान रखा गया है।
रजिस्ट्री पर पांच हजार के शुल्क का प्रस्ताव
योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में पैतृक सम्पत्ति की रजिस्ट्री पर भी बड़ा फैसला हुआ है। पैतृक सम्पत्ति की रजिस्ट्री पर पांच हजार के शुल्क पर किए जाने का प्रस्ताव पास हुआ है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की इलेक्ट्रानिक्स पॉलिसी को भी मंजूरी मिली है। इस पॉलिसी का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंगके रूप में विकसित करना है। संभल की न्यायिक रिपोर्ट भी कैबिनेट की मीटिंग में पेश की गई।



