मेरठ: जिलाधिकारी ने तहसील सदर में सुनीं जनसमस्याएं, मौके पर ही 07 शिकायतों का हुआ निस्तारण

मेरठ। उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप शनिवार को तहसील सदर में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनमानस से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण केवल समय सीमा के भीतर ही नहीं, बल्कि पूरी तरह गुणवत्तापरक होना चाहिए ताकि फरियादी को बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रमुख आंकड़े और शिकायतें समाधान दिवस के दौरान कुल 37 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 07 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष 30 शिकायतों को संबंधित विभागों को हस्तांतरित करते हुए जल्द समाधान के आदेश दिए गए। प्रार्थना पत्रों में मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों से संबंधित मामले छाए रहे:

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राजस्व विभाग: चकरोड से अवैध कब्जा हटाना और भूमि की पैमाइश।

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पुलिस विभाग: कानून व्यवस्था और आपसी विवाद।
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समाज कल्याण: पेंशन संबंधी मांगें।
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अन्य: विकास विभाग और चकबंदी से जुड़ी समस्याएं।
तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण समाधान दिवस के उपरांत जिलाधिकारी ने तहसील सदर के विभिन्न पटलों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने नायब तहसीलदार कोर्ट, आर.के. सेक्शन, संग्रह कार्यालय, राजस्व लिपिक कक्ष, पूर्ति निरीक्षक कक्ष और अभिलेखागार (रिकॉर्ड रूम) का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रजिस्टरों और पत्रावलियों के रखरखाव का अवलोकन किया और संबंधित कर्मचारियों को कार्यप्रणाली में सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में साफ-सफाई और जनसुविधाओं की स्थिति को भी परखा।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद इस अवसर पर जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिनमें एसएसपी अविनाश पांडे, सीडीओ नूपुर गोयल, एडीएम वित्त सूर्य कान्त त्रिपाठी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीक्षा जोशी और सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया प्रमुख थे। जिलाधिकारी ने सभी को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी शिकायतों पर नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



