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मुजफ्फरनगर….पीड़िता को मिलेगा न्याय,आरोपियों पर चलेगा मुकदमा

ACJM-1 कोर्ट ने पीड़िता का प्रार्थना पत्र को स्वीकारा, तमंचे के बल पर हुआ था सामुहिक दुष्क्रम

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने गैंगरेप पीड़िता का प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए मुकदमे में लगाई गई पुलिस एफआइआर निरस्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आरोपियों पर परिवाद दर्ज कर सुनवाई करने का आदेश देते हुए गैंगरेप पीड़िता को 2 जून को बयान के लिए तलब किया है।

युवती 30 दिसंबर 2020 को अपने बीमार भाई की दवा लेकर डॉक्टर की दुकान से लौट रही थी। तभी तमेचे के बल पर रास्ते में पहले मिंटू उर्फ नरेंद्र औ मोनू मिले। जिन्होंने तमंचे से आतंकित कर युवती को खेत में खींच लिया। आरोप था कि मिंटू ने कपड़े फाड़कर रेप का प्रयास किया। चिल्लाई तो मोनू ने गले में फंदा डालकर गला घोट कर हत्या का प्रयास किया। सतीश तथा कुलदीप ने उसके साथ बारी-बारी से रेप किया। खेत के आसपास गांव वाले आ जाने के चलते आरोपित युवती को वहीं छोड़ फरार हो गए थे। पीड़िता ने घर पहुंचकर 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को बुलाया। पुलिस ने थाने जाकर एफआइआर लिखाने को कहा। पीड़िता अगले दिन थाने पहुंची और गैंगरेप की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।

एफआइआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की थी। एफआइआर के विरुद्ध पीड़िता ने एसीजेएम-1 प्रशांत कुमार की कोर्ट में प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दाखिल करते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। बताया कि विवेचना की प्रक्रिया थाने में ही बैठकर पूरी कर ली गई। पुलिस ने उसके 164 सीआरपीसी के बयान नहीं कराए। पीड़िता ने आरोपियों को तलब कर उनके विरुद्ध मुकदमा चलाए जाने की मांग की।

एसीजेएम-1 प्रशांत कुमार ने कोर्ट ने गैंगरेप की पीड़िता की और से दर्ज कराए प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने 2 जून को बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है।

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