मुख्तार अंसारी ईओडब्ल्यू की जांच में भी निशाने पर, अब तक 3 सौ करोड़ की अवैध संपत्तियों पर चल चुका है बुलडोजर
माफिया मुख्तार अंसारी प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एक जांच में भी निशाने पर आ गए हैं। शासन के आदेश पर मेसर्स बाबे इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की आर्थिक अनियमितताओं की जांच हो रही है।
जेल में निरुद्ध सजायाफ्ता माफिया मुख्तार अंसारी प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एक जांच में भी निशाने पर आ गए हैं। शासन के आदेश पर मेसर्स बाबे इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड की आर्थिक अनियमितताओं की जांच कर रही ईओडब्ल्यू को कंपनी के साथ मुख्तार अंसारी के रिश्तों की जानकारी मिली है।

यूपी पुलिस अब तक मुख्तार की 289.93 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त कर चुकी है, जबकि 282.90 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चला है। अभी हाल ही में गाजीपुर की गैंगस्टर कोर्ट ने गैंगस्टर के पांच मामलों में माफिया मुख्तार अंसारी और उसके सहयोगी भीम सिंह को 10 साल की सजा सुनाई। यह तीन महीने में मुख्तार को सुनाई गई तीसरी सजा है। बांदा जेल में निरुद्ध मुख्तार से ईडी भी पूछताछ कर रहा है। मुख्तार के खिलाफ कुल 59 मामले दर्ज हैं, जिसमें से 20 कोर्ट में विचाराधीन हैं। अब बाबे बाबे इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के साथ रिश्तों पर भी जांच शुरू हो गई है।

मेसर्स बाबे इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड को लखनऊ नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण समेत विभिन्न सरकारी संस्थाओं में ठेका मिलता है। इसके अलावा उसने लखनऊ में एक मॉल भी बनाया है। अब ईओडब्ल्यू इस कंपनी को मिले ठेकों और उसके संचालकों के वित्तीय लेन-देन का पता लगा रही है। उसे ऐसी शिकायत मिली है कि कंपनी को मुख्तार का संरक्षण मिलता रहा है। ऐसे में कंपनी की बैलेंस शीट और उसे मिले ठेकों की गहन पड़ताल हो रही है। यह भी पता लगाया जाएगा कि कंपनी से लेन-देन में शामिल व्यक्तियों में कोई मुख्तार का करीबी तो नहीं रहा है?



