मीडिया की कार्यशैली पर इमरान प्रतापगढ़ी का तीखा प्रहार: बोले- “जनता के मुद्दों को छोड़ हिंदू-मुस्लिम में उलझाया जा रहा है”

नई दिल्ली। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और मशहूर शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने मुख्यधारा के मीडिया संस्थानों पर निशाना साधते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। एक हालिया संबोधन में उन्होंने आरोप लगाया कि आज टीवी चैनलों और मीडिया के एक बड़े हिस्से से जनता के वास्तविक मुद्दे पूरी तरह गायब हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सुबह से शाम तक केवल हिंदू-मुस्लिम डिबेट और सांप्रदायिक विमर्श को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए चिंताजनक है।
असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप इमरान प्रतापगढ़ी ने मीडिया के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर चर्चा करने के बजाय मीडिया का फोकस उन मुद्दों पर रहता है जिनसे समाज में ध्रुवीकरण हो सके। उन्होंने कटाक्ष किया कि जिन सवालों को सरकार से पूछा जाना चाहिए था, आज मीडिया वही सवाल विपक्ष से पूछ रहा है। उनके अनुसार, मीडिया की यह दिशा देश के आम नागरिकों की समस्याओं को हाशिए पर धकेल रही है।

सांप्रदायिक विमर्श पर जताई चिंता सांसद ने कहा कि दिनभर टीवी स्क्रीन पर हिंदू-मुस्लिम के बीच टकराव दिखाने वाली खबरें परोसी जा रही हैं, जिससे युवाओं की मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश में किसानों की समस्या, गिरती अर्थव्यवस्था और युवाओं के रोजगार जैसे विषय अब खबर नहीं रहे? उन्होंने जोर देकर कहा कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, लेकिन अगर यह स्तंभ केवल एक विशेष नैरेटिव चलाने का जरिया बन जाएगा, तो जनता का इस पर से विश्वास उठ जाएगा।

जिम्मेदार पत्रकारिता की अपील अपने बयान के अंत में इमरान प्रतापगढ़ी ने पत्रकारों और मीडिया घरानों से जिम्मेदार बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि मीडिया अपनी भूमिका को दोबारा पहचाने और सरकार की जवाबदेही तय करने वाले मुद्दों को प्राथमिकता दे। उन्होंने साफ किया कि केवल सनसनीखेज खबरें और आपसी नफरत को बढ़ावा देने वाले शो देश को आगे नहीं ले जा सकते। प्रतापगढ़ी का यह बयान सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा बटोर रहा है, जहां उनके समर्थक मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।



