Jammu and Kashmir

माता वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन में मौत का आंकड़ा बढ़कर हुआ 32, राहत सामग्री लेकर सेना का विमान जम्मू पहुंचा

जम्मू में भारी बारिश से वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन हुआ। कई तीर्थयात्रियों सहित 32 लोगों की मौत हो गई। खराब मौसम के कारण यात्रा स्थगित कर दी गई है।

जम्मू में भारी बारिश से वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन हुआ। कई तीर्थयात्रियों सहित 32 लोगों की मौत हो गई। खराब मौसम के कारण यात्रा स्थगित कर दी गई है।

राहत और बचाव सामग्री लेकर भारतीय वायुसेना का एक C-130 परिवहन विमान बुधवार को माता वैष्णो देवी तीर्थस्थल मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन से प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए जम्मू पहुंच गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) का सामान लेकर सी130 परिवहन विमान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित हिंडन वायुसेना अड्डे से रवाना हो कर जम्मू पहुंचा।

इसके अलावा, चिनूक और एमआई-17 वी5 जैसे हेलीकॉप्टर जम्मू, उधमपुर, श्रीनगर और पठानकोट के आस-पास के वायुसेना अड्डों पर ‘‘बिल्कुल तैयार स्थिति में’’ रखे गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि अर्धकुंवारी के पास वैष्णो देवी मार्ग पर बचाव अभियान जारी है, जहां मंगलवार को भूस्खलन हुआ था। भूस्खलन की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है जबकि 20 अन्य घायल हुए हैं।

जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में बुधवार को चौथे दिन भी मूसलाधार बारिश जारी रहने के कारण बाढ़ग्रस्त निचले इलाकों से हजारों लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में जम्मू क्षेत्र के अधिकतर हिस्सों में लगातार बारिश जारी रही और तवी, चिनाब, उझ, रावी और बसंतर सहित लगभग सभी नदियों में पानी खतरे के स्तर से कई फुट ऊपर है।

कश्मीर घाटी में भी रात भर भारी बारिश हुई, जहां मुख्य झेलम नदी अनंतनाग जिले के संगम पर 21 फुट के बाढ़-चेतावनी निशान को पार कर गई और बुधवार सुबह श्रीनगर के राम मुंशी बाग में 18 फुट के बाढ़-चेतावनी निशान से केवल दो फुट नीचे थी।

जम्मू-कश्मीर में निचले बाढ़ग्रस्त इलाकों, खासकर नदी किनारे के इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में जलाशयों के उफान पर होने और अचानक आई बाढ़ के कारण कई प्रमुख पुलों, घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है।

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