महागठबंधन में रार लेकिन चुनाव से पहले ही CM नीतीश को पप्पू यादव ने क्यों दिया ऑफर? कहा- हम अकेले सब पर भारी…

वैसे तो पूरे देश में अब मौसम बदलने वाला है, लेकिन बिहार में ठंड से ज्यादा सियासी गर्मी होने की संभावना है। जी हां, आगामी विधानसभा को लेकर पार्टियों के बीच जुबानी जंग की शुरुआत हो चुकी है। महागठबंधन में अभी भी सीट और सीएम फेस को लेकर कन्फ्यूजन बरकरार है, लेकिन इस बीच पूर्णिया के सासंद पप्पू यादव ने नीतीश कुमार को लेकर बड़ा दावा कर दिया है। उनके इस बयान से सियासी पारा हाई होना तय है।

मंगलवार को पत्रकारों ने जब पप्पू यादव से पूछा कि बिहार चुनाव 2025 को लेकर महागठबंधन में एकजुटता की कमी दिख रही है तो पूर्णिया के सांसद ने जवाब में कहा कि पूरी जनता एक तरफ है। सभी लोग महागठबंधन के साथ खड़े हैं। महागठबंधन की ही सरकार बनेगी। जब जनता एकजुट है तो सभी को एकजुट कर देगी।

नीतीश पर पप्पू यादव का बड़ा दावा
मीडिया से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने सीएम नीतीश कुमार को लेकर कुछ ऐसा कहा जिसके बाद जनता ये सोचने पर मजबूर हो जाएगी कि कहीं ये सच तो नहीं हो जाएगा। जनता सोचे भी तो क्यों ना… नीतीश का रिकॉर्ड ही कुछ ऐसा रहा है। पप्पू यादव ने कहा, ”बीजेपी और चिराग का जो जुगलबंदी चल रहा है, और अभी तक नीतीश जी उनके साथ गए ही नहीं। नीतीश जी को अलग-थलग कर ये लोग स्ट्राइक रेट बचाने में लगे हैं… तो बचेंगे ई लोग।”
पप्पू यादव ने आगे कहा, ”आपको लगता है कि नीतीश जी चुनाव के बाद ये लोग (NDA) के साथ रहने वाले हैं। आपलोग चिंता मत कीजिए… नीतीश कुमार को सिर्फ कांग्रेस ही सम्मान देगी।”
महागठबंधन के सीएम फेस पर क्या कहा?
जब पप्पू यादव से पूछा गया कि बिहार चुनाव 2025 में महागठबंधन का सीएम फेस कौन होगा तो उन्होंने जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा ये सब हमलोग चुनाव के बाद फैसला कर लेंगे। जनता का आशीर्वाद मिल जाए फिर सब साफ हो जाएगा। पप्पू यादव ने नीतीश कुमार को ऑफर देते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा उनका स्वागत और सम्मान करने के लिए तैयार है।
एनडीए तैयार, महागठबंधन में रार!
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए पूरी तरह से तैयार लग रही है। सीट शेयरिंग से पहले चिराग पासवान को लेकर कुछ मनमुटाव की खबरें जरूर आई थी, लेकिन अब सब मामला सेट है। NDA ने सीट शेयरिंग कर अपने सभी सहयोगी दलों को खुश किया है। वहीं, बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने ये कह दिया है कि चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। ये तो एनडीए की बात हो गई, लेकिन महागठबंधन में मामला गड़बड़ है।
सीट शेयरिंग को लेकर तालमेल में कमी होने के कारण राजद ने नामांकन के अंतिम दिन 143 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। वहीं, RJD में भी दरार दिख रही है। तेजस्वी यादव खुद लैंड फॉर जॉब मामले में कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं और उधर लालू-राबड़ी आवास पर पार्टी के कार्यकर्ता उम्मीदवारों को लेकर हंगामा भी मचाते दिखे थे।
झामुमो ने भी मोड़ा मुंह
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले झारखंड की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी महागठबंधन से मुंह मोड़ने का फैसला किया। झामुमो ने महागठबंधन के साथ गठबंधन तोड़ते हुए, बिहार की छह विधानसभा सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। पार्टी के इस कदम को बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।



