भ्रष्टाचार पर योगी गंभीर, इन्वेस्ट यूपी का सीईओ बनाए गए IAS विजय किरण…PM के हाथों हो चुके हैं सम्मानित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों के क्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया है।महाकुंभ के दौरान बनाए गए नए जिले महाकुंभ नगर के जिलाधिकारी रहे और इस समय प्रयागराज के मेलाधिकारी विजय किरन आनंद को सीएम योगी ने बड़ी जिम्मेदारी देते हुए इन्वेस्ट यूपी का सीईओ बना दिया है। 2009 बैच के आईएएस अधिकारी विजय किरन की गिनती सीएम योगी के बेहद करीबी अधिकारियों में होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी से सांसद बनने के बाद विजय किरन को वहां का जिलाधिकारी बनाया गया था।
विजय कुमार आनंद वर्ष 2009 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। विजय आनंद का जन्म बैंगलोर में हुआ था। वो पूर्व में चार्टर्ड अकाउंटेंट भी रह चुके हैं। उन्हें अपनी पहली पोस्टिंग यूपी के बागपत में मिली, जहां उन्होंने बतौर उपजिलाधिकारी काम किया था। इसके बाद उनकी तैनाती बाराबंकी में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर हुई।

उन्होंने प्रयागराज में हुए महाकुंभ में अहम जिम्मेदारी निभाई थी। उन्हें महाकुंभ में मेला अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। जिनके नेतृत्व में महाकुंभ का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन हुआ था इससे पहले वो माघ मेला 2017 और अर्ध कुंभ मेला 2019 में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं। अब उन्हें इन्वेस्ट यूपी के नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है।इन्वेस्ट यूपी के सीईओ अभिषेक प्रकाश को पिछले दिनों घूसखोरी के आरोप में निलंबित करते हुए यहां से हटा दिया गया था।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते मंगलवार को इन्वेस्ट यूपी के कार्यों की समीक्षा की थी और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए थे। उसके बाद विजय किरन आनन्द को कुंभ मेला अधिकारी का अतिरिक्त चार्ज देने के साथ-साथ इन्वेस्ट यूपी का सीईओ बनाया गया है।




