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भारत के विभाजन पर CM योगी ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा- देश की एकता तोड़ लोगों को दी पीड़ा

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के मौके पर लखनऊ में आयोजित भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के मौके पर लखनऊ में आयोजित भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1947 में देश के विभाजन के लिए कांग्रेस नेतृत्व की ‘‘सत्ता की लालसा और तुष्टीकरण नीति’’ को जिम्मेदार ठहराते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि यह विभाजन सनातन भारत को खंडित करने वाली त्रासदी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के मौके पर लखनऊ में आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।

उन्होंने 1947 के विभाजन को ‘‘कांग्रेस की तुष्टीकरण नीति का काला अध्याय’’ करार देते हुए कहा कि इस भीषण त्रासदी ने सनातन भारत की एकता को तोड़कर देश को पीड़ा दी।

उन्होंने कहा कि 14 अगस्त 1947 की विभाजन विभीषिका को याद करते हुए आज पूरा देश शोकाकुल है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2021 में इस दिन को स्मृति दिवस घोषित कर इतिहास को जीवंत किया।

एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और देशवासियों से इतिहास से सबक लेने की अपील की।

प्रदर्शनी में विभाजन के बाद हुई हिंसा और उससे प्रभावित लोगों से संबंधित तस्वीरें, अखबारों की कतरनें, राजकीय अभिलेख और विस्थापित परिवारों की संरक्षित सामग्रियां प्रदर्शित की गईं।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘स्वतंत्रता के लिए क्रांतिकारियों ने फांसी के फंदे को गले लगाया, लेकिन कांग्रेस ने सत्ता के लालच में देश का बंटवारा कराया।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिमी पाकिस्तान के लाहौर, कराची, रावलपिंडी एवं मुल्तान जैसे क्षेत्रों को हिंदू, सिख और बौद्ध विहीन बनाने का अभियान कांग्रेस की नीति का नतीजा था। आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘इस हिंसा में 15 से 20 लाख लोगों की जान गई और करोड़ों लोग विस्थापित हुए। यह अत्याचारों की पराकाष्ठा थी जिसे कांग्रेस ने बढ़ावा दिया।’’

उन्होंने कांग्रेस पर विस्थापितों के प्रति उदासीनता बरतने का भी आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और ईसाई समुदायों के जो लोग घर-बार छोड़कर आए, उनके लिए तत्कालीन सरकार ने न स्मारक बनाए, न संग्रहालय स्थापित किए। उनकी पीड़ा को भुला दिया गया।’’

उन्होंने सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) के जरिए शरणार्थियों को नागरिकता और पुनर्वास का अधिकार देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की।

उन्होंने कहा, ‘‘पहली बार जम्मू-कश्मीर और अन्य क्षेत्रों में शरणार्थियों को सीएए के जरिए नागरिकता मिली। ये लोग भारत के विकास में योगदान दे रहे हैं, लेकिन कांग्रेस ने उनके पुनर्वास के लिए कभी प्रयास नहीं किया।’’

इस प्रदर्शनी कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी सहित कई अन्य नेता शामिल हुए।

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