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बीवी को जबरन दोस्त के पास भेजा, खुद रहने लगा उसकी पत्नी संग, किस्सा जान बाराबंकी पुलिस भी रह गई दंग!

उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और अजीबोगरीब मामला सामने आया है जिसने रिश्तों की पवित्रता और सामाजिक मर्यादा को झकझोर कर रख दिया है। जहां एक युवक ने अपनी पत्नी को जबरन अपने दोस्त के पास भेज दिया और खुद अपने दोस्त की पत्नी को अपने घर में रखकर उसके साथ रहने लगा। इस घटना का खुलासा होते ही पूरे गांव और थाने में हड़कंप मच गया। पुलिस भी इस उलझे हुए मामले में अभी तक सिर्फ शांति भंग (धारा 151) की कार्रवाई ही कर सकी है।

शुरुआत में ठीक था सब कुछ
जानकारी के मुताबिक, शादी के शुरुआती कुछ साल पति-पत्नी के बीच सामान्य रिश्ते थे। लेकिन कुछ समय बाद झगड़े और मारपीट शुरू हो गई। अंत में पति ने पत्नी को उसके मायके भेज दिया, जहां वह करीब डेढ़ साल तक रही।

वापसी के बाद पत्नी को झटका
जब पत्नी दोबारा अपने ससुराल लौटी तो उसे उम्मीद थी कि अब सब ठीक होगा। लेकिन हालात और ज्यादा अजीब और डरावने हो गए। पीड़िता का कहना है कि पति ने उस पर दबाव बनाना शुरू किया कि वह उसके दोस्त के साथ जाकर रहे। जब उसने इस बात का विरोध किया, तो उसके साथ गाली-गलौज हुई और जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। पति ने साफ कह दिया कि मेरे घर में अब तुम्हारे लिए कोई जगह नहीं है। अगर रहना है, तो मेरे दोस्त के साथ जाकर रहो।

दोस्त की पत्नी के साथ रहने लगा पति
मामले में और खुलासा तब हुआ जब महिला के पति के दोस्त ने भी पुलिस को बयान दिया। उसने बताया कि वह बाहर नौकरी करता है, इसलिए घर से अक्सर दूर रहता है। इस दौरान, उसका दोस्त (यानी महिला का पति) उसकी पत्नी के करीब आ गया और अब पिछले 4 महीनों से उसके साथ ही रह रहा है। इतना ही नहीं, वह अपनी पत्नी को जबरन उसी दोस्त (पीड़ित) के पास भेजना चाहता है।

पुलिस ने दोनों को थाने पर रोका
घटना के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने पहले तो बातचीत से मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। आखिरकार, दोनों व्यक्तियों के खिलाफ शांति भंग की आशंका में धारा 151 के तहत कार्रवाई की गई और दोनों को थाने पर रोक लिया गया।

गांव में चर्चा का माहौल
इस अनसुनी और उलझी हुई घटना की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। गांव की चौपाल से लेकर बाजार तक लोग यही कह रहे हैं कि ये कैसा रिश्ता है और कैसी सोच है? कुछ लोग इसे समाज में रिश्तों के गिरते स्तर का उदाहरण मान रहे हैं, तो कुछ इसे ‘आधुनिकता के नाम पर रिश्ता बदलने’ वाली सोच कह रहे हैं।

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