Uncategorized

बीती रात साहित्यिक संस्था अंजुमन इर्तिका ए अदब उर्दू की ओर से शानदार काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया

फलावदा बीती रात साहित्यिक संस्था अंजुमन इर्तिका ए अदब उर्दू की ओर से शानदार काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया

फलावदा(शुभम अग्रवाल) l फलावदा बीती रात साहित्यिक संस्था अंजुमन इर्तिका ए अदब उर्दू की ओर से शानदार काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया
जिसकी अध्यक्षता मिर्ज़ा हसीमुद्दीन हमदम ने की तथा संचालन प्रख्यात शायर अनवार उल हक शादा ने किया काव्य गोष्ठी का आगाज हाफिज कारी दानिश ने नाते पाक पढ़ कर किया काव्य गोष्ठी में उपस्थित श्रोताओं ने कवियों द्वारा प्रस्तुत की गई रचनाओं को खूब सराहा पसंद की गई रचनाओं की पंक्तियां निम्नलिखित है l
बुजुर्ग शायर अनवार उल हक़ शादा ने कहा कि पत्थर भी टूट सकता है रहे वफा में लम्हे तस्कीन ना मिल सका।
वहशत उठाए फिरती रही दरबदर मुझेll मिर्ज़ा हसीमुद्दीन हमदम ने कहा कि रंजो गम ने कर दिया पत्थर सिफत इंसान कोl कोई आमदा नही है मुस्कुराने के लिएll मास्टर फैयाज अली नादिर ने कहा कि मां की खिदमत करो दुआ देगीl जादू टोना दुआ से टलता हैll श्रोताओं को गुदगुदाते हुए निसार रहकर फरीदी ने कहा के जब से बेटे की आई है छम्मो l बाप से बदज़बान बोलता हैll मां से बोले है तू तडाक के साथl सास को अम्मा जान बोलता है ll पूर्व अध्यक्ष अब्दुल समद साहिर ने कहा कि जंग करने के लिए चाहिए तलवार ओ तिफंगl तूने गुफ्तार को हथियार समझ रखा हैll डॉ सलीम खान ने पढ़ा कि बात हुई कुछ ऐसी उनसे रात की इक तन्हाई मेंl शर्म से आंखें झुकने लगी हैं आंखें मिलाना भूल गए ll सैयद तस्लीम अहमद रिटायर्ड डीएसपी ने पढ़ा कि मालूम न था दर्द ए जुदाई भी सहेंगेl दिल हमने दिया देख के सूरत को तिरी सी ll जफर अब्बास जफर ने पढ़ा कि बच गया दुनिया के मैं एहसान सेl आपने ठुकरा दिया अच्छा हुआ ll रागिब अली ज़हर ने कहा कि कोई बिजली टूट नहीं टूटी कोई पहाड़ नहीं टूटाl फकत टूटा है मेरा दिल उसे टूटा ही रहने दो l
इनके अलावा मिर्जा शरीफ उद्दीन वगैरा ने भी अपनी कविताओं से श्रोताओं का मन मोह लिया अंत में संस्था के अध्यक्ष मास्टर फैय्याज़ अली नादिर ने सभी कवियों व श्रोताओं का धन्यवाद किया काव्य गोष्ठी रात्रि 10:00 बजे आरंभ होकर देर रात 1:00 बजे समाप्त हुई l

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button