बिहार चुनाव के लिए आज ‘सुपर संडे’, सीट बंटवारे को लेकर पटना से लेकर दिल्ली तक मंथन; कुछ ऐसा हो सकता है फॉर्मूला; आज होगा बड़ा फैसला

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का शंखनाद हो चुका है और अब चुनावी मुकाबले की उलटी गिनती शुरू हो गई है। पहले चरण की 121 सीटों पर 6 नवंबर को मतदान होना है और अधिसूचना जारी हो चुकी है। लेकिन रविवार का दिन दिल्ली में बिहार की राजनीति की नई पटकथा लिखने वाला साबित हो सकता है। एनडीए और महागठबंधन, दोनों ही मोर्चों के नेता राजधानी में अपनी-अपनी चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

दिल्ली में शनिवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर चली एनडीए की लंबी बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और बिहार से जुड़े सभी सहयोगी दलों के शीर्ष नेता शामिल रहे। आठ घंटे चली इस बैठक में सीट बंटवारे का मसौदा लगभग तय कर लिया गया। रविवार को होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगनी है।

सूत्रों के अनुसार, सीट शेयरिंग का फॉर्मूला इस प्रकार बन सकता है:
- भाजपा: 101 से 102 सीटें
- जेडीयू: 101 से 102 सीटें
- एलजेपी (चिराग पासवान): 26 सीटें
- हम (जीतन राम मांझी): 8 सीटें
- आरएलएम (उपेंद्र कुशवाहा): 7 सीटें
एनडीए खेमे ने यह भी साफ किया है कि नीतीश कुमार ही गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में CEC बैठक में उम्मीदवारों की पहली सूची भी जारी होने की संभावना है।
महागठबंधन में सियासी माथापच्ची जारी
विपक्षी महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अभी भी पेच फंसा हुआ है। शनिवार रात पटना में राबड़ी देवी के आवास पर आरजेडी की कोर कमेटी की लंबी बैठक चली, जिसमें लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने टिकट वितरण पर मंथन किया। सूत्र बताते हैं कि आज तेजस्वी यादव दिल्ली में कांग्रेस नेताओं से मुलाकात करेंगे ताकि सीट शेयरिंग पर अंतिम सहमति बन सके।
संभावित फॉर्मूला इस प्रकार माना जा रहा है:
- राजद: 134–135 सीटें
- कांग्रेस: 54–55 सीटें
- CPI-ML और CPI: लगभग 30 सीटें
- VIP: 18 सीटें
- JMM और RLJP: 2–2 सीटें
हालांकि कांग्रेस अतिरिक्त 10 सीटों की मांग पर अड़ी हुई है, जबकि CPI-ML ने आरजेडी का मौजूदा प्रस्ताव ठुकरा दिया है। सीमांचल की कुछ सीटों को लेकर भी मतभेद बने हुए हैं। ऐसी स्थिति में आरजेडी अकेले 138 सीटों पर मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
निर्णायक दिन साबित हो सकता है आज
रविवार का दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम है, क्योंकि दोनों गठबंधनों की बैठकों में सीट बंटवारे, उम्मीदवारों की पहली सूची और प्रचार रणनीति पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है। एनडीए के लिए, दिल्ली की बैठक चुनाव अभियान की दिशा तय करेगी। महागठबंधन के लिए, तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की बैठक संभावित सीट फॉर्मूले की आखिरी कड़ी साबित हो सकती है। दिल्ली से निकलने वाले इन फैसलों के बाद यह लगभग तय हो जाएगा कि बिहार के सियासी रण में कौन-सा गठबंधन किस रणनीति के तहत उतरने वाला है, और किस चेहरे पर जनता का भरोसा जीतने का दावा पेश करेगा।



