बिजली की अघोषित कटौती से जनजीवन हो रहा है प्रभावित रात्रि में ठीक से नहीं सो पाते हैं शहरवासी
भीषण गर्मी के चलते बिजली की अघोषित कटौती से आम जनजीवन प्रभावित होता दिखाई देने लगा है। औद्योगिक क्षेत्र भी बिजली कटौती से अछूता नहीं रहा है।

गुडग़ांव। भीषण गर्मी के चलते बिजली की अघोषित कटौती से आम जनजीवन प्रभावित होता दिखाई देने लगा है। औद्योगिक क्षेत्र भी बिजली कटौती से अछूता नहीं रहा है। कई-कई घंटों के बिजली कट लगाए जा रहे हैं। जिससे औद्योगिक क्षेत्रों स्थित प्रतिष्ठानों में उत्पादन भी बाधित हो रहा है। बिजली के विकल्प के रुप में जनरेटर का इस्तेमाल करना बड़ा महंगा पड़ रहा है। क्योंकि डीजल के दामों में वृद्धि हो जाने के कारण उत्पादों की लागत भी बढ़ गई है। ऐसे में उद्यमियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि प्रदेश सरकार दावा करती आ रही है कि प्रदेश में बिजली की कोई कमी नहीं है। जो थोड़ी बहुत परेशानी है भी उसका समाधान शीघ्र ही करा लिया जाएगा, लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है। आम लोगों का कहना है कि अभी तो मई-जून भी नहीं आया है। अप्रैल माह में ही बिजली की जब इतनी बड़ी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है तो मई-जून में क्या हाल होगा, इसका खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है। शहर के बढते तापमान से जहां शहरवासी परेशान हुए हैं, वहीं बिजली ने उनकी परेशानियों को और अधिक बढ़ा दिया है।
दिन में ही नहीं, अपितु रात्रि में भी कई बार बिजली के कट लगाए जा रहे हैं। जिससे रात्रि में भी लोगों को ठीक से नींद नहीं आ पाती। शहरवासी बिजली निगम से आग्रह करते आ रहे हैं कि बिजली की अघोषित कटौती करना बंद करे और यह सुनिश्चित किया जाए कि बिजली की कटौती कब-कब होगी ताकि लोग अपने आवश्यक कार्य समय रहते निपटा लें। बिजली की अघोषित कटौती से घरों में पेयजल की आपूर्ति भी बाधित हो जाती है। शहरवासियों का जीवन बिना बिजली के काफी कठिन हो रहा है। उद्योगों की हालत तो और भी अधिक खराब है।




