बसौद गाँव में शहादत दिवस पर तिरंगा यात्रा निकालकर दी शहीदों को श्रृद्धांजलि
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 क्रांति के ऐतिहासिक स्थल महाक्रांति ग्राम बसौद में 167 वें शहादत दिवस पर युवा चेतना मंच के तत्वाधान में खूनी तालाब से तिरंगा यात्रा निकाली गई।

बागपत। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 क्रांति के ऐतिहासिक स्थल महाक्रांति ग्राम बसौद में 167 वें शहादत दिवस पर युवा चेतना मंच के तत्वाधान में खूनी तालाब से तिरंगा यात्रा निकाली गई।

तिरंगा यात्रा ऐतिहासिक जामा मस्जिद से होते हुए क्रांति द्वारा पहुंची तथा क्रांति द्वार पर देश पर जान न्यौछावर करने वाले अमर बलिदानियों व 17 जुलाई 1857 ई के शहीदों को श्रृद्धांजलि दी गई। उसके बाद दो मिनट का मौन रखा गया। मंच संस्थापक मास्टर सत्तार अहमद ने बताया कि प्रत्येक 17 जुलाई को बसोद गांव में युवा चेतना मंच शहादत दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करता है तथा अमर बलिदानों को याद करके श्रद्धांजलि अर्पित करता है। आज ही के दिन बसोद गांव में अंग्रेजों से सीधी टक्कर हुई थी, जिसमें ऐतिहासिक जामा मस्जिद के अंदर लगभग 10 घंटे युद्ध चला था, जिसमें लगभग 180 लोग शहीद हो गए थे। बरगद के वृक्ष पर 15 लोगों को फांसी दे दी गई थी और जाते जाते गौरी पलटन गाँव को आग के हवाले कर गयी थी। मंच के महासचिव समीर अहमद ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा गाँव मे विकास की कमी हैं जिस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। जिससे आने वाली पीढियां इस गांव से देशभक्ति का सबक लेती रहे। राष्ट्रगान के बाद समापन किया गया। इस अवसर पर यामीन प्रधान, अब्दुल हई, किसान नेता मुस्ताक, इन्तजार, पप्पू प्रधान, गुलजार प्रधान, किसान मजदूर संगठन के उपाध्यक्ष अन्नू मलिक,नवीन मलिक, बाबा शाहमल के वंशज, चौधरी यशपाल,असगर ठेकेदार, रफीक, इकबाल, यासीन, अलीमुद्दीन,जमील, कासिम, मुरसलीन, नय्यूम, तसलीम, सोएब, आलीशान, आयान, सचिन, वहीद, मुजम्मिल,आदिल , गुलजार, शौकत आदि रहे।


