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बरेली में होली से पहले बड़ा खुलासा : पास्ता मसाला में फंगस, मिर्च में जहरीला रंग, दीपक स्वीट्स समेत कई के घी-तेल भी फेल

बरेली। रंगों के त्योहार से ठीक पहले शहर में खाने-पीने की चीजों को लेकर चौंकाने वाला सच सामने आया है। खाद्य सुरक्षा टीम की जांच में पास्ता मसाला से लेकर मिर्च पाउडर, चायपत्ती, भुना चना, रिफाइंड तेल और घी तक में गंभीर खामियां मिलीं। कई नमूने अधोमानक तो कुछ सीधे असुरक्षित पाए गए। रिपोर्ट ने बाजार की सच्चाई उजागर कर दी है और अब सवाल यह है कि त्योहार पर लोगों की थाली में आखिर क्या परोसा जा रहा था।

परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित मै० एच.एन. फूड प्रोडक्ट्स से लिया गया ‘चटपटा पास्ता मसाला’ का नमूना लैब में अधोमानक और असुरक्षित घोषित किया गया। जांच में उसमें लम्प्स और फंगल ग्रोथ पाई गई, यानी साफ तौर पर खाने लायक नहीं। इसी तरह श्यामगंज स्थित मै० मूर्ति इंटरप्राइजेज से लिए गए भुने चने के नमूने में औरामाइन रंग मिला, जो खाद्य पदार्थों में पूरी तरह प्रतिबंधित है। लैब ने इसे असुरक्षित करार दिया है। त्योहार के मौसम में इस तरह का जहर खुलेआम बिकता रहा।

इज्जतनगर स्थित मै० मुल्ला जी चावल वाले की दुकान से लिए गए सप्तऋषि ब्रांड के धनिया और हल्दी पाउडर के नमूने अधोमानक पाए गए। वहीं इसी प्रतिष्ठान से लिया गया तीखा मिर्च पाउडर (सप्तऋषि ब्रांड) असुरक्षित घोषित हुआ, जिसमें सूडान-2 और सूडान-3 जैसे खतरनाक रंग मिले। ये रंग कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़े माने जाते हैं। चाय के शौकीनों के लिए भी झटका कम नहीं है। शहदाना श्यामगंज स्थित मै० रिच इंडिया टी प्रा.लि. की एटीसी ब्रांड चायपत्ती में सनसेट यलो रंग पाया गया, जिसे लैब ने अधोमानक और असुरक्षित घोषित किया है।

नारियावल रोड स्थित मै० बाला जी ट्रेडर्स से लिए गए ‘राजहंस हेल्थ रिफाइंड सोयाबीन ऑयल’ का नमूना अधोमानक निकला। वहीं 87, सिविल लाइंस स्थित मै० दीपक स्वीट्स एंड आइसक्रीम प्रा.लि. से लिए गए घी के नमूने भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। त्योहार में मिठास घोलने वाली चीजों में ही मिलावट का खेल उजागर हो गया।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा-46(4) के तहत संबंधित कारोबारियों को 30 दिन में अपील का मौका दिया गया है। तय समय में अपील न होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उधर होली को देखते हुए विशेष अभियान भी जारी है। शिफा डेरी (परसौना रोड), राजेश मिल्क विक्रेता (नारियावल) और गुलाबनगर, प्रेमनगर स्थित प्रतिष्ठान से दूध और पनीर के नमूने लिए गए हैं। इसके अलावा फरीदपुर क्षेत्र के 9 कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण हुआ है। जहां खामियां मिलीं, वहां सुधार नोटिस जारी करने की तैयारी है।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने साफ संदेश दिया है कि त्योहारों के नाम पर आम आदमी की थाली में जहर घोलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अभियान जारी रहेगा और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल होली की खरीदारी करते समय ग्राहकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। चमकदार रंग और आकर्षक पैकिंग के पीछे छिपी सच्चाई कहीं सेहत पर भारी न पड़ जाए।

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