बजट सत्र से पहले अखिलेश यादव ने कसा तंज, सरकार ने विदेश नीति गिरवी रख दी

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को संसद के बजट सत्र और कई अन्य मुद्दों को लेकर बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी फ्लोर लीडर्स की बैठक होगी। इसके बाद तय होगा कि आगे कैसे बढ़ें। उन्होंने विदेश नीति पर तंज कसते हुए कहा कि हमारी जो विदेश नीति है, उसे मोदी सरकार ने गिरवी रख दिया है। जिस तरह से महंगाई बढ़ती जा रही है, आम आदमी का जीना दूभर होता जा रहा है। अखिलेश कहा कि बहुत से भारतीय खाड़ी क्षेत्र व पश्चिम एशिया में फंसे हुए हैं और वह त्योहार तक नहीं मना सके। इन लोगों का वक्त कितना संकट में गुजर रहा होगा, आखिरकार भारत सरकार क्या कर रही है। उन्होंने कहा कि सुनने में आया है कि कई पत्रकार साथी जो प्रधानमंत्री के साथ गए थे पॉलिटिकल जर्नलिस्ट बनकर, वो वॉर जर्नलिस्ट बनकर लौट रहे हैं। ये मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं और इन सभी मुद्दों पर बैठक होगी। बैठक में बहुत कुछ तय होगा। बता दें कि एक दिन पहले 8 मार्च को कांग्रेस के प्रभारी महासचिव डॉ. सैयद नसीर हुसैन ने कहा था कि कांग्रेस पार्लियामेंट्री स्ट्रेटेजी कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा था कि हमने इस बैठक में तय किया है कि बजट सत्र के दूसरे चरण में अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को उठाया जाएगा और पश्चिम एशिया में जारी संकट का हमारे देश पर क्या असर होगा, इस पर भी चर्चा होगी। उन्होंने कहा था कि सोमवार सुबह 10 बजे कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के चेंबर में विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक है, जहां इन मुद्दों पर सभी के साथ चर्चा होगी। हम चाहते हैं इन सभी मुद्दों के साथ विदेश नीति और देश के अहम पहलुओं पर सदन में चर्चा हो। हमने जो अविश्वास प्रस्ताव लाया है, उस पर सभी विपक्षी दल स्पीकर के खिलाफ वोटिंग करेंगे।




