देश

प्लास्टिक प्रदूषण निगरानी और प्रबंधन के लिए जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने प्रोफेसर डॉ कृपा राम को सदस्य बनाया

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्लास्टिक प्रदूषण निगरानी और प्रबंधन के लिए जल शक्ति मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के तहत बीएचयू रसायन विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ कृपा राम को सदस्य के रूप में चुना गया है। एनएमसीजी के निदेशक राहुल द्विवेदी ने इसके लिए निर्देश जारी किया है। इस टीम में भारत में नदियों और जलीय जीवों में माइक्रोप्लास्टिक के क्षेत्र में काम करने वाले प्रमुख शोधकर्ता और शिक्षाविद शामिल हैं। पृथ्वी विज्ञान विभाग, कश्मीर विश्वविद्यालय, श्रीनगर के प्रोफेसर गुलाम जिलानी विषयगत समूह के संयोजक होंगे। इस टीम के अन्य सदस्यों में आईसीएआर-केंद्रीय अंतर्स्थलीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान, कोलकाता के निदेशक डॉ. बी.के. दास, राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, गोवा की डॉ. महुआ साहा, आईआईटी, रुड़की के पृथ्वी विज्ञान विभाग के प्रो. अभयानंद सिंह मौर्य, भारतीय नदी परिषद के रमन कांत, एनएमसीजी की रूबी राजू और एनएमसीजी की डॉ. सहजप्रीत कौर गरेवाल सदस्य सचिव हैं। य़ह जानकारी बीएचयू जनसंपर्क अधिकारी ने दी। शुक्रवार को उन्होंने बताया कि एनएमसीजी के नदी बेसिन प्रबंधन (आरबीएम) प्रकोष्ठ के अंतर्गत प्लास्टिक प्रदूषण पर विषयगत समूह की टीम गंगा नदी बेसिन में प्लास्टिक प्रदूषण की रोकथाम, निगरानी और प्रबंधन के लिए विज्ञान-आधारित और परिणाम-उन्मुख कार्यों पर विचार करेगी। इसके अलावा, टीम गंगा नदी में प्लास्टिक प्रदूषण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेगी, जिसमें निगरानी, हॉटस्पॉट की पहचान, परिवहन मार्ग और साथ ही मंत्रालय को प्लास्टिक प्रदूषण कम करने के संभावित उपाय सुझाना शामिल है। टीम प्लास्टिक प्रदूषण प्रबंधन से संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), परियोजनाओं और अनुसंधान प्रस्तावों की भी समीक्षा करेगी और नीतिगत ढाँचों, नवीन तकनीकों और समुदाय-आधारित हस्तक्षेपों के लिए एसएमसीजी, यूएलबी और संबंधित मंत्रालयों/हितधारकों के साथ समन्वय करेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button