नैनीताल से लौट रहे परिवार की कार बनी आग का गोला, महिला सिपाही और मासूम बेटे की जिंदा जलकर मौत

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में बुधवार की रात एक हृदयविदारक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। नैनीताल से छुट्टियां बिताकर लौट रहे एक परिवार की कार को तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी, जिससे कार में भीषण आग लग गई। इस भयावह घटना में कौशांबी में तैनात महिला सिपाही लता सिंह और उनके दो वर्षीय बेटे की झुलसने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हैं।

हादसा उस समय हुआ जब मिलक के बेहटरा निवासी दान सिंह अपनी पत्नी लता, बेटे लड्डू और रिश्तेदार रवि ठाकुर के साथ अपनी नई कार से घर वापस आ रहे थे। काशीपुर गांव के समीप विपरीत दिशा से आ रहे एक डंपर ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का पेट्रोल टैंक तत्काल फट गया और देखते ही देखते वाहन आग की लपटों में घिर गया। कार सवार लोग जान बचाने के लिए बाहर कूदे, लेकिन मासूम बच्चा भीतर ही फंस गया। अपने कलेजे के टुकड़े को बचाने की कोशिश में मां लता सिंह भी आग की चपेट में आ गईं।

स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने पास के पेट्रोल पंप से अग्निशमन यंत्र लाकर आग बुझाने का अथक प्रयास किया, लेकिन लपटें इतनी विकराल थीं कि सब बेबस नजर आए। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। फायर ब्रिगेड की मदद से जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक मासूम दम तोड़ चुका था। गंभीर रूप से झुलसीं लता सिंह ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में प्राण त्याग दिए।
इस घटना के पीछे एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया कि कार का पेट्रोल खत्म होने के कारण उसे सीएनजी पर चलाया जा रहा था, तभी यह भीषण टक्कर हुई। पुलिस ने बताया कि डंपर चालक हादसे के बाद वाहन समेत मौके से फरार हो गया है जिसकी तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। मृतक सिपाही के पति दान सिंह के जीवन में यह दूसरी बड़ी त्रासदी है; चार साल पहले भी एक सड़क हादसे में उन्होंने अपनी पहली पत्नी को खो दिया था। वर्तमान में पूरे गांव में मातम पसरा है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।



