नीरज चोपड़ा ने जीता लुसाने डायमंड लीग का खिताब, ऐसा करने वाले पहले भारतीय
लुसाने डायमंड लीग 2022 में नीरज चोपड़ा ने 89.08 मीटर दूर भाला फेक इतिहास रच दिया है। इस लीग को जीतने वाले चोपड़ा पहले भारतीय खिलाड़ी हैं।
ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा एक के बाद एक उपलब्धियों को हासिल कर रहे हैं। शुक्रवार देर रात उन्होंने लुसाने डायमंड लीग 2022 का खिताब जीत इतिहास रच दिया है। नीरज चोपड़ा ने 89.08 मीटर के अपने पहले थ्रो के साथ लुसाने डायमंड लीग जीती है। वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं।
नीरज इसी के साथ सात और आठ सितंबर को ज्यूरिख में डायमंड लीग के फाइनल में भी पहुंच गए हैं। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय है, साथ ही उन्होंने हंगरी के बुडापेस्ट में 2023 में होने वाले विश्व चैम्पियनशिप के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। नीरज चोपड़ा ने अपने पहले ही प्रयास में 89.08 मीटर दूर जैवलिन फेंक दिया। नीरज ने ओलंपिक में भी ऐसा ही किया था। उन्होंने अपने पहले थ्रो से ही गोल्ड जीत लिया था।

हालांकि दूसरा प्रयास अच्छा नहीं रहा। नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 85.18 मीटर थ्रो किया, वहीं तीसरा अटेंप को उन्होंने स्किप किया। फिर चोपड़ा का चौथा प्रयास फाउल करार दिया गया और पांचवें अटेम्प से उन्होंने दूर रहने का फैसला किया। 89.08 मीटर के अटम्प के साथ वे खिताब तो जीत गए लेकिन एक बार फिर 90 मीटर के मार्क को नहीं छू पाये। टोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता जैकब वाडलेज्च 85.88 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि यूएसए के कर्टिस थॉम्पसन 83.72 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

हाल ही में नीरज ने भारत को वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक दिलाया था। अंजू बॉबी जॉर्ज (2003) के बाद वह ऐसा करने वाले सिर्फ दूसरे एथलीट बने। फाइनल में नीरज ने 88.13 मीटर दूर तक भाला फेंका था और रजत पदक अपने नाम किया था। लेकिन इसके फ़ाइनल में नीरज चोपड़ा को चोट लगी थी। वे जांघ पर पट्टी लपेटते भी नजर आए थे। उसी चोट की वजह से नीरज कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे।



