
श्रीनगर। केंद्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को श्रीनगर-लेह हाईवे पर जेड-मोड़ सुरंग का उद्घाटन किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और संसद सदस्यों के साथ जोजिला सुरंग का दौरा किया। सुरंग का उद्घाटन करने के बाद केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि यह सुरंग सोनमर्ग को सभी मौसम के लिए पर्यटन स्थल बना देगी।

इस अवसर पर नितिन गडकरी ने कहा कि अब तक ज़ोजिला टनल का 28 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। इस टनल के बनने से लद्दाख के लिए ऑल वेदर कनेक्टिविटी होगी। अभी ज़ोजिला दर्रे को पार करने के लिए कभी-कभी तीन घंटे का समय लगता है, लेकिन इस टनल के पूरा होने के बाद यात्रा का समय घटकर 20 मिनट हो जाएगा। यात्रा के समय में कमी से अंततः ईंधन की बचत होगी।

उन्होंने कहा कि ज़ोजिला पास का इलाका बेहद दुर्गम है, यहां हर साल कई घातक दुर्घटनाएं होती हैं। ज़ोजिला टनल के पूरा होने के बाद दुर्घटनाओं की संभावना शून्य हो जाएगी। यह टनल कश्मीर घाटी और लद्दाख के बीच साल भर संपर्क प्रदान करेगी, जो लद्दाख के विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय सामानों की मुक्त आवाजाही और आपात स्थिति में भारतीय सशस्त्र बलों की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बेहतर रोड कनेक्टिविटी के माध्यम से जम्मू और कश्मीर के चौतरफा विकास के लिए कटिबद्ध है। लद्दाख के लिए सभी मौसम में संपर्क स्थापित करने के लिए जम्मू और कश्मीर में कार्यान्वित महत्वपूर्ण परियोजना और एशिया की सबसे लंबी टनल जोजिला टनल का आज जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिंहा तथा सड़क परिवहन और राजमार्ग की संसदीय सलाहकार समिति के सदस्य सांसदों की उपस्थिति में मुआयना किया।
जम्मू-कश्मीर में 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से 19 टनल का निर्माण हो रहा है। इसके अंतर्गत जोजिला में 6800 करोड़ रुपये की लागत से 13.14 किमी लंबाई के टनल एवं एप्रोच रोड का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह 7.57 मीटर ऊंची घोड़े की नाल के आकार की सिंगल ट्यूब 2-लेन टनल है, जो कश्मीर के गांदरबल और लद्दाख के कारगिल जिले के द्रास शहर के बीच हिमालय में जोजिला दर्रे के नीचे से गुजरेगी।
इस परियोजना के अंतर्गत 13,153 मीटर की मुख्य जोजिला टनल के साथ 810 मीटर कुल लंबाई की 4 पुलियां, 4,821 मीटर कुल लंबाई की 4 नीलग्रार टनल, 2,350 मीटर कुल लंबाई के 8 कट और कवर, 500 मीटर, 391 मीटर और 220 मीटर कुल लंबाई के 3 वर्टिकल वेंटिलेशन शाफ्ट प्रस्तावित है। इसका निर्माण न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग पद्धति का उपयोग करके किया जा रहा है। यह सुरंग सीसीटीवी, रेडियो नियंत्रण, निर्बाध बिजली आपूर्ति, वेंटिलेशन जैसी सुविधाओं से सुसज्जित होगी। आधुनिक टेक्नोलॉजी के उपयोग से 5000 करोड़ रुपये की बचत भी हुई है।
केंद्रीय मंत्री सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़कों पर काम की प्रगति की समीक्षा करेंगे। वह संसदीय सलाहकार समिति के सदस्यों को एमओआरटीएच के कार्यों की संख्या के बारे में भी जानकारी देंगे, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में चल रही प्रमुख सड़कें शामिल हैं।
गडकरी 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के बनिहाल-रामबन खंड का दौरा करके कार्य की प्रगति का निरीक्षण करेंगे। वे दोपहर में रियासी जिले के पवित्र शहर कटरा और कटरा-दिल्ली एक्सप्रेसवे में इंटरमॉडल स्टेशन (आईएमएस) के निर्माण के लिए साइट का भी निरीक्षण करेंगे। गडकरी 11 अप्रैल की दोपहर नई दिल्ली लौट जायेंगे।



