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धमाके के साथ भरभराकर गिरीं 12 घरों की छतें, अब तक 5 लोगों की मौत

दीपावली को लेकर गोदाम में इन दिनों स्टाक किया जा रहा है। सोमवार रात 10 बजे करीब अचानक से गोदाम में ब्लास्ट हुआ और धमाके के साथ पटाखा गोदाम के आसपास के दर्जनभर मकान गिरते चले गए।

नौशहरा में भूरे खां का पटाखा गोदाम है। वह शिकोहाबाद में रहता है। दीपावली को लेकर गोदाम में इन दिनों स्टाक किया जा रहा है। सोमवार रात 10 बजे करीब अचानक से गोदाम में ब्लास्ट हुआ और धमाके के साथ पटाखा गोदाम के आसपास के दर्जनभर मकान गिरते चले गए। ब्लास्ट में मीरा देवी (52) पत्नी महेश पाल, पंकज (24), अमन (26) और इच्छा (3)की भी मौत हो गई। देर रात 1 बजे कालू (डेढ़ साल) की भी मौत हो गई। वो इच्छा का भाई था।

जैसे ही नौशहरा में पटाखा गोदाम में ब्लास्ट हुआ वैसे ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। तेज धमाके की आवाज सुन लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। लोगों का दावा है कि धमाके की आवाज कई किमी दूर तक सुनाई दी है। एक बार को लगा कि भूकंप आया है, लेकिन बाहर देखा तो धमाके में 12 घरों की छतें भरभराकर गिर गईं। रात में टॉर्च की रोशनी में घायलों की खोज जारी थी।

आसपास के मकानों की छतों पर सो रहे लोगों के ऊपर गिट्टियां और ईंटें गिरीं, जिससे उनको चोटें आई हैं। लोगों का कहना है कि तेज धमाके के बीच धूल का गुबार उठा और एक साथ आसपास के मकानों को गिरते हुए देखा। धूल का गुबार और पटाखों के धुंआ के छंटने के बाद लोगों को पता चला कि पटाखा गोदाम के आसपास के दर्जनभर मकान जमीन पर आ गए हैं।

डीएम, एसएसपी ने ली जानकारी डीएम रमेश रंजन और एसएसपी सौरभ दीक्षित घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे। राहत कार्य को लेकर उन्होंने जेसीबी को इस तरह से चलाने को कहा कि कोई परिवार का सदस्य दबा हो तो उसको सुरक्षित निकाला जा सके। देर रात आईजी दीपक कुमार भी पहुंचे।

नौशहरा में पड़ोसी संजना पुत्री राकेश पूड़ी बना रही थी। उसका भाई दीपक, विशु, पिता राकेश नौशहरा में ही रहते हैं। उनका शादी समारोहों के लिए बेड बनाने का गोदाम है।

राहत कार्य में जुटा पूरा प्रशासनिक अमला नौशहरा में पटाखा गोदाम के आसपास के घरों के गिरने की सूचना के बाद नगर पालिका शिकोहाबाद, नगर पंचायत मक्खनपुर से जेसीबी और राहत टीमों को रवाना किया। थाना शिकोहाबाद, जसराना, मक्खनपुर, फिरोजाबाद, खैरगढ़ की टीमें मौके पर पहुंचे हैं। एसडीएम, सीओ लगातार अधीनस्थों को राहत कार्य में मदद के लिए दिशा निर्देश दे रहे थे।

धर्मेंद्र और गौरव दो भाई एक ही मकान में रहते थे। धर्मेंद्र के मामा की मौत हो गई थी इसलिए वह कठफोरी गया था। गौरव, उसकी पत्नी अंगूरी गणेश पंडाल में थे। इसलिए दोनों बच गए पर इनके दोनों बच्चे इच्छा और डेढ़ साल का कालू घर पर सो रहे थे जिनकी मौत हो गई।

आईजी दीपक कुमार आगरा जोन ने बताया कि 10 लोगों को रेस्क्यू कराया जा चुका है। हो सकता है मजिस्ट्रेट ने इन्हें कहीं अन्य पटाखे के गोदाम का लाइसेंस दिया हो। इसकी विस्तृत जांच होगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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