देश के विभिन्न प्रदेशों में घटित हो रही हिंसात्क घटनाएं नहीं हैं देश व समाज के हित में
देश की राजधानी दिल्ली का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहा है जो देश व समाज के हित में नहीं है

गुडग़ांव। देश के विभिन्न प्रदेशों में विभिन्न धार्मिक आयोजनों पर असामाजिक तत्वों द्वारा हिंसा फैलाने की घटनाएं घटित हो रही हैं। देश की राजधानी दिल्ली का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहा है जो देश व समाज के हित में नहीं है। इन हिंसात्मक घटनाओं से जहां समाज का ताना-बाना छिन्न-भिन्न होता है, वहीं देश व प्रदेश का विकास भी प्रभावित होता है। राजस्थान में भी इस प्रकार की घटनाओं की गत दिवस फिर से पुनरावृति हो गई। केंद्र व प्रदेश सरकारों को असामाजिक तत्वों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करनी चाहिए ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृति न हो। सरकार से यह मांग सामाजिक संस्था भगवान परशुराम सेवादल के अध्यक्ष पंडित अरुण शर्मा एडवोकेट ने की है। उनका कहना है कि राजस्थान के जोधपुर में घटित हुई हिंसात्मक घटना कोई नई या पहली नहीं है। इससे पहले भी यूपी, दिल्ली, पंजाब में भी इस प्रकार की घटनाएं घटित हो चुकी हैं। कानून व्यवस्था पर इस प्रकार की घटनाएं प्रश्रचिन्ह लगा रही हैं। इन घटनाओं से शांति और सदभावना के लिए खतरा बनता जा रहा है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकारों का गुप्तचर विभाग विफल रहा है। यदि यह विभाग मुस्तैद रहता तो इस प्रकार की घटनाओं से प्रदेश को बचाया जा सकता था। आए दिन किसी न किसी प्रदेश में हिंसात्मक घटनाएं घटित हो रही हैं। उनका कहना है कि केंद्र व प्रदेश सरकारों को तालमेल बैठाकर कानून व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। इन हिंसात्मक घटनाओं की न्यायिक जांच भी कराई जानी चाहिए।




