
नई दिल्ली। जाली नोटों के बंडलों के जरिए लोगों को ठगने वाले दो ठगों को दिल्ली पुलिस के एंटी-ब्रगलेरी सेल ने द्वारका जिले में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार किए गए दो ठग ‘नकली-गड्डी’ गैंग चलाते थे। द्वारका के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) एम. हर्षवर्धन ने कहा कि आरोपियों की पहचान ग्यासी कश्यप (45) और रमेश (48) के रूप में हुई है। वर्धन ने कहा कि अपराध में इस्तेमाल की गई एक कार और उनके कब्जे से 26,000 रुपये की ठगी की गई राशि बरामद की गई।

डीसीपी ने कहा, ग्यासी कश्यप पहले धोखाधड़ी, हत्या और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के 9 मामलों में शामिल था, जबकि रमेश तीन मामलों में मुकदमे का सामना कर रहा है।

अधिकारी ने बताया कि 28 मार्च को डबरी थाने में ठगी की घटना की सूचना मिली थी। पीड़ित पिंटू कुमार ने पुलिस को बताया कि वह बैंक ऑफ बड़ौदा में 50 हजार रुपये जमा कराने गया था, जहां उसकी मुलाकात दोनों आरोपियों से हुई।
पुलिस ने कहा, आरोपी बैंक शाखा के अंदर पीड़ित से मिले और उसके बैंक खाते में दो लाख रुपये (नकली नोट) जमा करने के बहाने उससे बात की। आरोपियों ने उसे बताया कि वे पंजाब में काम करते हैं और तनख्वाह नहीं मिलने की वजह से अपने मालिक के दफ्तर से सारा कैश चुरा लिया। अगर वह उनका पैसा जमा करवा देगा तो वे उसे अपना आधा पैसा दे देंगे।
आरोपी ने दो लाख रुपये के नकली नोटों का पैकेट पीड़ित को थमा दिया और चतुराई से 50 हजार रुपये के पैकेट को बदल दिया। पीड़ित को जब इसका पता चला तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
मामला दर्ज करने के बाद टीम बैंक पहुंची तो दो व्यक्ति अपराध करने में संलिप्त पाए गए। सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनके रूट का पता लगाया गया तो पता चला कि दोनों अपराधी एक कार से दशरथ पुरी मेट्रो स्टेशन पहुंचे।
पुलिस ने कहा, हमने रोहिणी में छापा मारा और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने धोखाधड़ी में अपनी संलिप्तता कबूल की। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका तीसरा सहयोगी पंटू भी उनके साथ था, जिसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।



