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दिल्ली अब तीन रंगों का शहर, केजरीवाल ने कहा- देश को बनाएं दुनिया में सर्वश्रेष्ठ

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 130 करोड़ देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि मिलकर प्रण लें कि भारत को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाएंगे। 75 साल पहले जब भारत इकट्ठा हुआ तो अंग्रेजों को देश से बाहर फेंक दिया। एक बार फिर इकट्ठे हो जाएं।

दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आजादी की 75वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर दिल्ली सरकार ने ‘हर हाथ तिरंगा’ समारोह का आयोजन किया। देशभक्ति से लबरेज इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस मौके पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राजधानी में 500 तिरंगे फहराए हैं, अब दिल्ली तिरंगामय हो गई है।

उन्होंने कहा, 130 करोड़ देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि मिलकर प्रण लें कि भारत को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाएंगे। 75 साल पहले जब भारत इकट्ठा हुआ तो अंग्रेजों को देश से बाहर फेंक दिया। एक बार फिर इकट्ठे हो जाएं तो भारत को दुनिया का नंबर वन देश बनने से कोई नहीं रोक सकता।

मुख्यमंत्री ने सफाई का संदेश देते हुए कहा कि यह भी प्रण लें कि अपनी तरफ से देश को गंदा नहीं करेंगे और राह चलते समय कूड़ा सड़क पर नहीं फेंकेंगे। नंबर वन देश बनाने के छोटी सी शुरुआत करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय उन सभी शहीदों को याद करने का है, जिनकी शहादत और संघर्ष से आजादी मिली। यह समय उनके सपनों को याद करने का है कि वो कैसा भारत चाहते थे। बाबा साहब डॉ. आंबेडकर ने हमें दुनिया का सबसे बेहतरीन संविधान दिया। शहीद भगत सिंह से हमें सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्वच्छता का संदेश दिया। कहा कि एक छोटा सा प्रण लेे कि देश को गंदा नहीं करेंगे। अगर रास्ते में जा रहे है और चिप्स खा रहे है तो उसका पैकेट सड़क पर नहीं फेंके, पानी का बोतल सड़क पर नहीं फेंके। जब तक कूड़ेदान दिखाई न दे, तब तक उस कूड़े को अपनी जेब में रखें। कूड़ेदान दिखाई देने पर ही उसे फेंके। सड़क पर कोई कूड़ा दिखाई दे तो उसे भी कूड़ेदान में फेंकने का प्रयास करें। ऐसा करने पर भारत को दुनिया का नंबर देश बनाने से कोई नहीं रोक सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक प्रश्न मन में उठता है कि 75 साल में हमने काफी तरक्की और प्रगति की, लेकिन इन 75 सालों में कई देश भारत से आगे निकल गए। भारत से 15 साल बाद सिंगापुर आजाद हुआ पर आज हमसे आगे है। जापान दूसरे विश्व युद्ध में बर्बाद हो गया था। लेकिन हमसे आगे निकल गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत पीछे क्यों रह गया? हमारे में कोई कमी थोड़ी है। भारत के लोग दुनिया में सबसे बुद्धिमान, मेहनती और अच्छे हैं। फिर हम पीछे क्यों रह गए।

रोजमर्रा की जिंदगी में देश को भूल जाते हैं : मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजमर्रा की जिंदगी में हम देश को भूल जाते है। लेकिन दिल्ली आपको भूलने नहीं देगी। घर से निकलने पर आपको हर जगह तिरंगा दिखाई देगा। पूरे शान से 500 जगहों पर तिरंगा लहरा रहा है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हम ऐसे समय में जी रहे हैं, जब भारत 75 साल का हो रहा है। जब एक शिक्षा मंत्री अच्छे स्कूल बनवाता है, जब एक अधिकारी अपने काम को अच्छे से करता है तो तिरंगा शान से लहराता है। आ रही रवि की सवारी समारोह की शुरुआत में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता व मोटिवेशनल आशीष विद्यार्थी की बुलंद आवाज में रिकॉर्डेड प्रसिद्ध कविता ‘आ रही रवि की सवारी’ प्रस्तुत की गई।

आस्कर व ग्रैमी अवार्ड विजेता सुखविंदर सिंह ने शहीद-ए-आजम सरदार भगत को याद करते हुए ‘पगड़ी संभाल जट्टा’ गीत की लाइव प्रस्तुति दी। गीतिका गंजू ने स्वतंत्रता आंदोलन के प्रसिद्ध कवि पंडित सोहनलाल द्विवेदी की कविता ‘हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती’ को अपनी आवाज देकर सभी को मुसीबतों से लड़कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्रसिद्ध भजन गायिका आशीष कौर ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन गाकर आजादी की लड़ाई में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के संघर्ष और बलिदान को याद किया। आशीष विद्यार्थी की आवाज में रिकॉर्डेड हरिवंश राय बच्चन की कविता ‘रुके न तू, झुके न तू,’ कविता प्रस्तुत किया गया।

आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर दिल्ली सफर के दौरान हर घर, सड़कों और वाहनों में तिरंगा नजर आया। सफर में अगर वाहन नहीं मिला तो जश्न मनाने का जुनून रखने वाले पैदल ही निकल पड़े। खासतौर पर लालकिला और आसपास के क्षेत्र में एक-एक फीट की दूरी पर तिरंगा के साथ वाहनों का काफिला पूरे दिन गुजरता रहा।

मेट्रो स्टेेेशन के बाहर बनी आकृतियों के साथ सेल्फी लेने वालों को भीड़ रही तो चांदनी चौक समेत दिल्ली की तमाम गलियां आजादी के जश्न के तिरंगे में लिपटी रहीं। चांदनी चौक पर आजादी के अमृत महोत्सव पर फूलों से सजे बोर्ड के जरिये संदेश दिया गया। देश की आजादी के लिए सर्वस्व बलिदान करने वाले सेनानियों की कहानी जीवंत होती दिखीं।

ऑटो चालक राजकुमार चड्ढा ने बताया कि पिछले दो दिन से मैं पुरानी दिल्ली इलाके में तिरंगा के साथ घूम रहा हूं। इस दौरान कमाई नहीं कर रहा हूं।

मुंबई से नौ अगस्त को तिरंगा यात्रा पर रवाना हुई बीना शाह ने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव उनके लिए बेहद खास है। शनिवार को दिल्ली पहुंचने से पहले कई शहरों से होकर आईं। रास्ते में जो मिला उसे तिरंगा बांटते हुए आजादी के जश्न में सभी को एकसूत्र में पिरोने की कोशिश की। बकौल बीना शाह ने बताया कि देशभक्ति का जज्बा रखने वाले सभी देशवासियों को सलाम है। देश के लिए त्याग करने वालों के लिए आजादी के सही मायने बताने की कोशिश की है। लाल किला के बाहर अपनी होंडा सिटी में बैठी बीना शाह ने पिछले छह महीने से अपनी कार में बैज लगाने के साथ इसके उपरी हिस्से को भी घूमने के लायक बनाया।

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