Bihar

तेजस्वी यादव राघोपुर सीट पर सिर्फ अपनी बचा पाए लाज… 35 सीटों पर सिमटी महागठबंधन तो नेताओं को सूंघ गया सांप, पप्पू यादव ने तोड़ी चुप्पी

बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम आ चुके हैं। इनमें NDA को भारी बहुमत मिला है तो वहीं विपक्षी महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट कर रह गया है। बीजेपी और नीतीश कुमार की इस बार ऐसी आंधी चली कि RJD की लांलटेन बुझ गई और कांग्रेस पंजे जितनी सीटों पर भी जीत दर्ज नहीं कर पाई। हालांकि NDA के इस तूफान में भी महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव अपनी सीट बचाने में सफल रहे है। कई बार पिछड़ने के बावजूद भी आखिरकार अब तेजस्वी ने राघोपुर सीट पर 12 हजार वोटों से ज्यादा से जीत हासिल कर ली है।

बिहार चुनाव के परिणाम आने के बाद अब पप्‍पू यादव ने चुप्पी तोड़ी है। उन्‍होंने कहा कि क्‍या बिहार की वोट सिर्फ 20,000 करोड़ में खरीदी जा सकती है? पप्‍पू यादव ने कहा, ‘मैं बिहार के लोगों के फैसले का सम्मान करता हूं। लेकिन क्या बिहार की वोट सिर्फ 20,000 करोड़ में खरीदी जा सकती है? क्या बस यही बचा है? विकास, रोजगार, नौकरी, बेदखली, ये सब कोई बड़ी बात नहीं है। बड़ी बात ये है कि छह दिन पहले सरकार ने 20,000 करोड़ रुपये दिए।

हाथ में हाथ डालकर वोट डालो। अब मुद्दे क्या होंगे? रोजगार के मुद्दे बचेंगे क्या? और ये SIR क्या है? और SIR में वोट किसके हैं? क्या कोई समझौता होना चाहिए? और ऐसा कोई मांडेट होना चाहिए क्या? उन्‍होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि सरकार NDA की बन जाएगी लेकिन क्या ये जनता की मंशा थी? या ये हमारी गलती थी? इसकी जिम्मेदारी कौन उठाएगा? ये जिम्मेदारी सबकी बन जाती है। और हम सब मिलकर जिम्मेदारी लेंगे। राहुल गांधी जिम्मेदारी कैसे लेंगे? ये तो राज्य का फैसला है। राहुल गांधी, पार्टी, हमारा गठबंधन, सबने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री घोषित किया है।

हमारी और राहुल गांधी की जो सोच है, उसमें कोई भी, न तो इस फैसले में और न ही बिहार के लोगों के खिलाफ उनकी लड़ाई में, उनका मैसेज बिल्कुल साफ था। युवाओं के बारे में पूरी तरह से स्पष्टता थी। तो मैं इतना भी नहीं मानता।

चिराग पासवान क्या बोले?

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, “नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA ने ऐतिहासिक जीत हासिल की, इसलिए LJP(रामविलास) का यह प्रतिनिधिमंडल उन्हें बधाई और शुभकामनाएं देने के लिए उनसे मिलने आया था। जो लोग LJP (रामविलास) और JDU के बीच भ्रम फैला रहे थे, सिर्फ झूठी अफवाह और गलत नैरेटिव बनाने की कोशिश थी, यह ऐतिहासिक जीत सभी दलों के ईमानदार समर्थन के बिना हासिल नहीं होती।

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