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तमिलनाडु : कोयंबटूर में मिड डे मील के बाद 43 छात्रों की तबीयत बिगड़ने पर पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार को घेरा

कोयंबटूर। तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने सरकारी स्कूल के छात्रों की तबीयत बिगड़ने पर सरकार को घेरा है। इसके साथ ही स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। पलानीस्वामी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है, “कोयंबटूर जिले के 43 सरकारी स्कूल के छात्रों को घटिया दोपहर के भोजन के कारण अस्पताल में भर्ती कराए जाने की खबर बेहद चौंकाने वाली और दुखद है। अस्पताल में 43 बच्चों का इलाज होते देखना रोंगटे खड़े कर देता है। जिला कलेक्टर द्वारा इस मामले पर प्रतिक्रिया देने के बावजूद यह बेहद निराशाजनक है कि कुछ मीडिया संस्थानों ने इस खबर को प्रसारित नहीं किया।” पूर्व मुख्यमंत्री ने स्टालिन सरकार से सवाल पूछते हुए आगे लिखा, “सरकार छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है। मिड डे जैसी योजना में सरकार लगातार इस तरह की लापरवाही कैसे दिखा सकती है? 2021 से सैकड़ों बच्चे घटिया सरकारी स्कूल के भोजन से प्रभावित हुए हैं, फिर भी इस बारे में जरा भी चिंता या परवाह न करते हुए, यह बेशर्म सरकार – खोखले प्रचार के लिए “सांभर का स्वाद कैसा है?” जैसे सवाल पूछकर कार्यक्रम आयोजित कर रही है। ” पलानीस्वामी ने कहा कि डीएमके सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्कूली छात्रों को वह इलाज मिले जिसके वो हकदार हैं। वह दिन दूर नहीं जब लोग घोर उदासीनता के कारण डीएमके को नकार देंगे जो स्कूली छात्रों के स्वास्थ्य के लिए भी कोई चिंता नहीं दिखाती।” गौरतलब है कि कोयंबटूर नगर निगम द्वारा कौंडमपलायम इलाके में संचालित स्कूल में मंगलवार को दोपहर का भोजन खाने के बाद 43 बच्चे बीमार पड़ गए थे। बताया जा रहा है कि खाने में छिपकली गिर गई थी, जिसके कारण वह जहरीला हो गया था। कोयंबटूर नगर निगम के कमिश्नर शिवगुरु प्रभाकरन ने कहा, “जैसे ही पता चला कि छिपकली गिर गई है, खाना तुरंत रोक दिया गया। 5 डॉक्टरों को भेजा गया और स्टूडेंट्स का इलाज किया गया।”

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