जो अखिलेश यादव नहीं कर पाए वो काम इस युवा नेता ने कर दिखाया, सरकार भी न रोक सकी…

आपातकाल के दौर के महान नेता जयप्रकाश नारायण (जेपी) की आज 11 अक्टूबर को जयंती है। जेपी का जन्म इसी दिन 1902 में हुआ था। वे जवाहर लाल नेहरू के करीबी माने जाते थे और उनकी संपूर्ण क्रांति ने इंदिरा गांधी की सरकार को हिला दिया था। हर साल जेपी की जयंती पर बीजेपी और सपा के बीच अक्सर टकराव होता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं दिखा। इस बार सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव जेपी सेंटर तक भी नहीं पहुंचे। इसके बजाय, इस बार जेपी की मूर्ति पर माल्यार्पण सपा छात्र सभा के दो कार्यकर्ताओं ने किया।

कड़ी सुरक्षा के बीच जेपी सेंटर में घुसे
बता दें कि जयप्रकाश नारायण की जयंती से पहले ही लखनऊ स्थित जेपी सेंटर के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। इसी बीच छात्र सभा के दो कार्यकर्ताओं विनीत कुशवाहा और अमर यादव ने बीती रात चोरी-छिपे जेपी सेंटर में प्रवेश कर मूर्ति पर माल्यार्पण किया। विनीत प्रदेश अध्यक्ष और अमर उपाध्यक्ष हैं। दोनों शांतिपूर्वक जेपी सेंटर से बाहर भी निकल आए।

‘सिंघासन खाली करो, जनता आती है’
इसके पहले लखनऊ पुलिस ने जेपी सेंटर के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी और बैरिकेडिंग लगा दी थी। पिछले साल अखिलेश यादव सेंटर के गेट को फांदकर माल्यार्पण करते थे, लेकिन इस बार पुलिस की वजह से ऐसा नहीं हो पाया। सपा छात्र सभा ने कहा कि यह माल्यार्पण पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से किया गया है। उन्होंने कहा कि जेपी का इतिहास से गहरा संबंध है और उन्होंने ‘संपूर्ण क्रांति’ का नारा दिया था। उन्होंने रामधारी सिंह के शब्द भी याद किए, “सिंघासन खाली करो, जनता आती है।”



