जिला किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री से की मांग
गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को किया जाए बर्खास्त

गुडग़ांव (अशोक): लखीमपुर खीरी हत्याकांडल के मुख्य आरोपी आशीष
मिश्र उर्फ मोनू की इलाहबाद हार्ईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत सर्वोच्च
न्यायालय ने रद्द कर दी है। आरोपी के पिता अजय मिश्र टेनी केंद्र सरकार
में गृह राज्यमंत्री हैं। उन्हें उनके पद से तत्काल बर्खास्त किया जाना
चाहिए। यह मांग संयुक्त किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष व जिला बार एसोसिएशन
के पूर्व प्रधान संतोख सिंह ने प्रधानमंत्री से की है। उन्होंने कहा कि
आशीष मिश्र की जमानत रद्द कर देने से किसानों व देश की जनता में न्याय
व्यवस्था के प्रति फिर उम्मीद जगी है। गत वर्ष 3 अक्तूबर को घटित हुई इस
घटना में शामिल आरोपियों को बचाने की कोशिश चल रही थी। सुप्रीम कोर्ट के
दखल देने के बाद ही किसानों व मृतजनों के परिजनों को न्याय मिल सका है।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब अजय मिश्र टेनी के केंद्रीय मंत्री
मंत्रीमंडल में बने रहने का कोई औचित्य नहीं बचा है। किसान नेता का कहना
है कि 4 किसानों व एक पत्रकार की इस घटना में मौंत हो गई थी। उनका कहना
है कि इलाहबाद हाईकोर्ट ने जल्दबाजी दिखाते हुए बिना पीडि़त पक्ष को सुने
गत 10 फरवरी को आरोपी को जमानत दे दी थी। उत्तरप्रदेश सरकार ने भी
हाईकोर्ट के निर्णय के विरुद्ध कोई अपील दायर नहीं की थी। मृतक किसानों
के परिवारों को ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा था। किसान नेता
का कहना है कि अजय मिश्र टेनी का केंद्रीय मंत्रीमंडल में बने रहना इस
मामले की निष्पक्ष जांच को प्रभावित कर सकता है। इसलिए उन्हें केंद्रीय
मंत्रीमंडल से बर्खास्त किया जाए।




