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जम्मू-कश्मीर में तापमान सामान्य से ऊपर, मौसम विभाग ने किसानों व यात्रियों को दी चेतावनी

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में पिछले कई दिनों से तापमान लगातार सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के दिन थोड़ी गिरावट आई लेकिन उसके बाद फिर से तापमान बढ़ने का सिलसिला जारी है। मैदानी इलाकों के साथ-साथ कश्मीर घाटी में भी तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार पिछले सप्ताह तापमान सामान्य से करीब 10 डिग्री अधिक था जबकि अब गर्मियों के आगमन के साथ अधिकतम व न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर कम हुआ है और सामान्य तापमान में हल्का बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बुधवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों और ऊंचाई वाले इलाकों में मध्यम बर्फबारी का भी अनुमान है। इससे इन जिलों के महत्वपूर्ण दर्रों और ऊंचाई वाले मार्गों पर अस्थायी रूप से यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे दो दिनों तक खेतों में होने वाले कार्य फिलहाल रोक दें। मौसम विभाग के अनुसार, 12 से 14 मार्च तक मौसम सामान्यतः शुष्क रहेगा। इसके बाद 15 और 16 मार्च को बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है, खासकर 15 मार्च की रात से 16 मार्च की सुबह तक। 17 और 18 मार्च को भी कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी बनी रहने की संभावना है जबकि 19 और 20 मार्च को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 11 मार्च को कुछ स्थानों पर गरज के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मंगलवार को जम्मू का अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री और न्यूनतम 19.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से क्रमशः 5.8 और 5.6 डिग्री अधिक है। बनिहाल में अधिकतम 23.1 और न्यूनतम 13.2 डिग्री दर्ज किया गया। कटड़ा में अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री और न्यूनतम 17.7 डिग्री रहा। कश्मीर घाटी में श्रीनगर का अधिकतम तापमान 17.6 और न्यूनतम 10.2 डिग्री रहा। पहलगाम में अधिकतम 10.8 और न्यूनतम 6.4 डिग्री दर्ज किया गया। गुलमर्ग में अधिकतम तापमान 8.4 और न्यूनतम 4.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में तापमान का लगातार सामान्य से ऊपर रहना बदलते जलवायु पैटर्न की ओर संकेत करता है। इसका असर आने वाले महीनों में मौसम की स्थितियों पर भी देखने को मिल सकता है।

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